मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में रहने वाली लहरी बाई बीज इकट्ठा करती हैं। उनके पास मौजूद अलग-अलग तरह के ये बीज साधारण नहीं हैं। वे मिलेट यानी मोटे आनाज के खास बीजों का संरक्षण करती हैं, जिनमें से कई विलुप्त होने की कगार पर हैं।उनकी इन्हीं कोशिशों ने उन्हें मध्य प्रदेश की 'मिलेट्स क्वीन' का खिताब दिलाया है बैगा जनजाति से ताल्लुक रखने वाली लहरी बाई ने मिलेट्स के 150 से ज्यादा पारंपरिक बीजों को संरक्षित किया है। वे चाहती हैं कि लोग सेहत से जुड़े फायदों और पाए जाने वाले पोषक तत्वों के लिए मिलेट्स का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें...