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Mandsaur: फसल के कम मुआवजे के विरोध में कांग्रेस ने निकाली रैली, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प

अतिवृष्टि और पिला मोजक बीमारी से चौपट हुई फसलों का उचित मुआवजा देने और समर्थन मूल्य की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधी चौराहे से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक ट्रैक्टर रैली निकाली। कांग्रेस के प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने जगह-जगह बेरीकेट्स लगाए। ट्रैक्टर लेकर आए किसानों को रोक दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने अपना विरोध दर्ज करवाया। सोमवार 12.30 बजे कांग्रेस द्वारा किसानों की मांगों को लेकर गांधी चौराहा से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकाली गई। यहां धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। पिला मौजक और अतिवृष्टि से सोयाबीन, मूंगफली सहित अन्य फसलें लगभग खराब हो चुकी है। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा किसानों को जो मुआवजा दिया गया वह ऊंट के मुंह में जीरे के सामन है। इसको लेकर जिला कांग्रेस द्वारा सोमवार को ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया। इसको लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से तैयार था। जिले में विभिन्न स्थानों पर बेरीकेट्स लगाकर पुलिस प्रदर्शन में शामिल होने आने वाले ट्रैक्टरों को वहीं रोक दिया। सीतामऊ फाटक ब्रिज पर भी बेरिकेड्स लगाकर रैली में आने वाले ट्रैक्टरों को रोका गया। जिले में कुल 24 जगहों पर बेरिकेड्स लगाए गए थे। मंदसौर विधायक विपिन जैन और जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि कई जगहों पर रैली में शामिल होने आ रहे किसानों को रोकने की सूचना मिल रही है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के इस रवैय्ये को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। नेता सूचना मिलने पर जगह-जगह पहुंचे। यहां पुलिस अधिकारियों से बात की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक दिन पूर्व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इसी तरह की ट्रैक्टर रैली निकाली थी, जिसे पुलिस प्रशासन ने नहीं रोका। वहीं, जब किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस के नेतृत्व में रैली निकाली जा रही थी तो उसे बलपूर्वक रोक दिया गया। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताया और किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार किसानों की मांगों को लेकर कितनी असंवेदनशील है और किस तरह विपक्ष को भी अपनी बात रखने से रोका जा रहा है।

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