Khandwa: कुत्ते को बचाने में पेड़ से टकराई कार में लगी आग, हाईवे से गुजर रही एंबुलेंस ने बचाई घायलों की जान
मध्यप्रदेश के खंडवा जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर से गुजर रहे इंदौर खंडवा हाईवे पर रविवार को एक कार पेड़ से टकरा गई। टकराने के बाद कार अचानक ही धूं धूं कर जलने लगी। हादसे के समय कार में पांच लोग सवार थे, जो दुर्घटनाग्रस्त कर से बाहर निकलकर सड़क पर लेट गए। इसी दौरान मरीज को छोड़कर लौट रही एक 108 एम्बुलेंस के ड्राइवर ने हादसा देख तुरंत मदद करते हुए घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जानकारी मिलते ही पुलिस भी तुरन्त घटनास्थल और अस्पताल पहुंची। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है, हालांकि गनीमत रही कि कोई गम्भीर घायल नहीं है।
खंडवा के छोटी छैगांव के पास इंदौर रोड पर एक कार में अचानक पेड़ से टकराने के बाद आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। कार में सवार पांच लोगों को जख्मी हालत में 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। कार में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी तुरंत मौके पर पहुंच गई।
जानकारी के अनुसार कार सवार इंदौर से अमरावती जा रहे थे। तभी छोटी छैगांव के पास रोड पर कार के सामने एक कुत्ता आ गया, जिसे बचाने के चक्कर मे कार सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। उसके बाद उसमें आग लग गई। इस दौरान राहगीरों ने मदद कर सभी कार सवारों को बचा कर कार से बाहर निकाला। इंदौर से खंडवा की ओर आ रही एक एम्बुलेंस के पायलट ने सड़क किनारे दुर्घटना हुई देख अपनी एम्बुलेंस रोकी और तुरंत घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
इधर, कार में सवार घायल हुए इंदौर निवासी कुर्बान अली ने बताया कि वे इंदौर से जलगांव की ओर जा रहे थे। इसी बीच छोटी छैगांव के पास सड़क पर अचानक एक कुत्ता सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में कार पेड़ से जा टकराई। इसके बाद उसमें आग लग गई। कार में कुल पांच लोग सवार थे। वहीं कुर्बान ने बताया कि उनके साथ कार में नन्हे खां, राशिद, शाहिद और एक अन्य सख्श मौजूद थे। वे अपने बेटे को इलाज़ के लिए इंदौर से अमरावती लेकर जा रहे थे।
वहीं 108 एम्बुलेंस के पायलट अजय कुमार गौड़ ने बताया कि वे लोग एक कॉल पर इंदौर गए थे। वहां से लौटते समय उन्होंने देखा की छोटी छै गांव के पास एक गाड़ी में आग लगी है। जिसमें से चार लोग गाड़ी से उतरकर जमीन पर लेटे हुए थे। जिस पर उन्होंने घायलों को देखने के बाद तत्काल गाड़ी वहां रोकी, और प्रक्रिया कर उन्हें तुरंत ही जिला अस्पताल इलाज के लिए लेकर आए।