मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में वन अमले की बड़ी कार्रवाई बीते 36 दिनों से लगातार जारी है। वन भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ यहां की गुड़ी रेंज में बड़े स्तर पर अतिक्रमण विरोधी मुहिम चलाई जा रही है। इसमें अब तक करीब दो दर्जन जेसीबी की मदद से, लगभग 17 सौ हेक्टेयर, यानी 4200 एकड़ जमीन अब तक मुक्त कराई जा चुकी है। यहां अब वन अमला जेसीबी की मदद से बड़े-बड़े गड्ढे करवा रहा है, जिनमें बीज डालकर जंगलों को फिर से हरा भरा बनाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अतिक्रमणकारियों की जांच की जा रही है। इसमें अवैधानिक तरीके से यहां की राजस्व और वन भूमि पर कब्जा करके रहने वालों के, बिजली कनेक्शन काटकर राशन कार्ड भी निरस्त कराए जाएंगे। इससे इन्हें लाड़ली बहना, सम्मान निधि, पीएम आवास और पेंशन जैसी योजनाओं के लाभ मिलना बंद हों, और ये इस क्षेत्र से दूर चले जाएं।
खंडवा के गुड़ी रेंज के टाकलखेड़ा इलाके में अतिक्रमण कारियों के विरोध में मुहिम जारी है। जहां के जंगलों को काटकर उस जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए अवैध खेतों में वन अमला बड़े-बड़े गड्ढे करवा रहा है। इससे अतिक्रमणकारी दुबारा से वहां बुआई के लिए खेती न कर सकें। इसके साथ ही उन गड्ढों में नीम और बबूल जैसे वृक्षों के बीज भी डाले जा रहे हैं। वन अमला यहां बारिश के समय पौधेरोपण भी करवाएगा। इसकी तीन सालों तक निगरानी की जाएगी। इतने समय में यहां रोपे पौधे एक बार फिर से बड़े होकर, यह क्षेत्र दुबारा से हरा भरा जंगल बनेगा। बता दें कि, वन अमला फिलहाल आमाखजूरी के विवादित हिस्से को छोड़कर अन्य जगह हो रहे अतिक्रमण पर बुलडोजर से कार्रवाई कर रहा है। यहां प्रतिदिन 8-8 घंटे करीब 23 जेसीबी की मदद से गड्ढे कराए जा रहे हैं। अभी तक नहारमाल व आमाखजूरी के 749 नंबर के क्षेत्र पर कार्रवाई करते हुए करीब 17 सौ हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है। टाकलखेड़ा क्षेत्र में भी करीब 1 हजार एकड़ जमीन को मुक्त करा लिया गया है।
अतिक्रमणकारियों के राशनकार्ड करवाए जा रहे निरस्त
जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने खंडवा जिले के गुड़ी रेंज के आमाखजूरी, बोरखेड़ा, सरमेश्वर, सालईढाना, सेमल्या, सीताबेड़ी, हंडिया सहित अन्य इलाकों में रहने वाले करीब 74 अतिक्रमणकारियों की लिस्ट भी बनाई है। इनकी जांच करने पर मालूम हुआ है कि ये अवैधानिक तरीके से राजस्व व वन भूमि पर कब्जा करके यहां रह रहे थे। इसलिए अब इनके बिजली कनेक्शन काटकर राशन कार्ड निरस्त करने की योजना है। इसके बाद इन्हें शासन की कई योजनाओं जिनमें लाड़ली बहना, सम्मान निधि, पीएम आवास और पेंशन जैसी योजनाओं के लाभ नहीं मिल सकेंगे। ताकि ये अतिक्रमण कारी इस क्षेत्र को छोड़कर जाने पर विवश होंगे।
नहारमाल में 1500 हेक्टेयर जमीन कराई मुक्त
इस पूरी कार्रवाई को लेकर खंडवा डीएफओ राकेश डामोर ने बताया कि, बीते 26 दिसंबर से वन विभाग ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ी मुहिम शुरू की थी। इसमें बेदखली की कार्रवाई की गई थी, जो कि अब तक जारी है। हालांकि इस कार्रवाई के अगले दिन ही भिलाई खेड़ा क्षेत्र में शासकीय अमले पर पथराव किया गया था। इसमें कुछ कर्मचारी भी घायल हुए थे, लेकिन उसके करीब 10 से 15 दिन बाद एक बार फिर से उस कार्रवाई को शुरू किया गया था। वहां नहारमाल के बड़े क्षेत्र में अतिक्रमण किया गया था। उसमें से करीब 1500 हेक्टेयर क्षेत्र अब तक अतिक्रमण से मुक्त करवाया है।
यह है जंगल फिर से हराभरा करने की प्लानिंग
डीएफओ डामोर ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद उस भूमि पर जेसीबी से बड़े टाइप के गड्ढे खुदवाए गए हैं। इसके साथ ही सरमेश्वर क्षेत्र में भी करीब 200 हेक्टेयर जमीन अतिक्रमण से मुक्त करवाई गई है। वहां भी बड़े गड्ढे करवा दिए गए हैं। हालांकि अभी गुड़ी रेंज का बड़ा एरिया बचा हुआ है, जिसमें बेदखली की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके बाद आने वाली बारिश के समय जो गड्ढे हमने खुदवाए हैं, उनमें बीज डालकर फिर से पेड़ उगाने की तैयारी की जा रही है। इससे उस जंगल को एक बार फिर से हरा भरा किया जा सके।