श्रावण के अंतिम और पांचवें सोमवार को मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारजी महाराज सजी हुई पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। बाबा महाकाल की यह शाही महासवारी दोपहर करीब चार बजे ढोल धमाकों के साथ मंदिर से निकली, जिसके बाद कोटितीर्थ घाट पर विद्वान पंडितों के द्वारा पूजन अभिषेक और वेद मंत्रोचार करवाया गया, जिसके बाद महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बम भोले के नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। वहीं, महाआरती के बाद ज्योतिर्लिंग भगवान ओमकार जी और ममलेश्वर जी को पवित्र नर्मदाजी में नौका भ्रमण करवाया गया, जिसके बाद ओमकार्मठ घाट से मुख्य बाजार होकर भगवान की शाही सवारी वापस मंदिर पंहुची। इस दौरान पूरे मार्ग में भक्तों ने गुलाल गुलाब उड़ाकर और कपूर आरती करके भगवान की आराधना की और इस दौरान भी युवा, वृद्ध और बच्चे सभी शिव भक्ति में भोले शम्भू भोलेनाथ का उद्घोष करते हुए नाचते और झूमते दिखाई दिए।