खंडवा जिले के गुड़ी रेंज के जंगलों में वन माफियाओं द्वारा अतिक्रमण की शिकायतों पर गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग के साथ मिलकर 500 कर्मियों और 40 से अधिक जेसीबी मशीनों की मदद से यह अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जंगलों में अतिक्रमण कर खेती कर रहे लोगों की बोई फसलें नष्ट की गईं और सीमांकन के लिए खंतियां खोदी गईं।
गुड़ी रेंज के नाहरमाल और हीरापुर गांवों में करीब 10,000 एकड़ वन भूमि पर पिछले चार सालों से कब्जा कर खेती की जा रही थी। वन विभाग ने पहले भी यहां कार्रवाई की थी, लेकिन अतिक्रमणकारियों द्वारा वनकर्मियों पर हमले के कारण यह प्रयास असफल रहा। हाल में हुई एक अन्य कार्रवाई के दौरान दो वनकर्मी घायल भी हुए थे।गुरुवार को इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान ड्रोन से निगरानी की गई, और पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जैसे कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, एसपी मनोज कुमार राय और डीएफओ राकेश डामोर मौके पर मौजूद रहे।
ब्लास्टिंग का सुझाव
एसडीएम बजरंग सिंह बहादुर ने खंतियां खोदने में लगने वाले समय और संसाधनों को देखते हुए जिलेटिन की छड़ों से ब्लास्टिंग का सुझाव दिया, जिससे बड़े गड्ढे बनाए जा सकें। कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने इस विचार पर सहमति जताई। ब्लास्टिंग से बने गड्ढों को भरना अतिक्रमणकारियों के लिए कठिन होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस कार्रवाई में खंडवा जिले की 11 और बुरहानपुर जिले की 8 रेंज के रेंजर व वनकर्मी शामिल हुए। चार थानों के टीआई और 100 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहे।
वन विभाग का संदेश
खंडवा एडीएम काशीराम बडोले ने कहा कि यह अभियान जंगलों को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। 30-40 जेसीबी मशीनों की सहायता से अतिक्रमण हटाने का प्रयास सफलतापूर्वक किया गया। यह कार्रवाई वन माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश है और प्रशासन की अतिक्रमणकारियों को जंगलों से बाहर करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।