फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Khargone: नबी की शान में गुस्ताखी पर भड़का खरगोन का मुस्लिम समाज, प्रशासन से नरसिंहानंद की गिरफ्तारी की मांग

Mon, 07 Oct 2024 07:46 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन

मध्यप्रदेश के खरगोन नगर में मुस्लिम समाजजन में गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ जमकर आक्रोश देखा गया। समाज ने अपने पैगंबर साहब के खिलाफ नरसिंहानंद की अपमानजनक टिप्पणी को लेकर विरोध भी जताया। यही नहीं, मुस्लिम समाज ने बड़ी संख्या में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर महंत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देश के राष्ट्रपति के नाम स्थानीय एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस ज्ञापन में ऐसी नफरती बयानबाजी पर रोक लगाने के साथ ही, ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई।

सोमवार दोपहर बड़ी संख्या में खरगोन कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार करने की मांग की। समाजजन का कहना था कि पैगंबर साहब की शान में गुस्ताखी असहनीय है। इस तरह के बयान न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में अशांति फैलाने का काम करते हैं। इसलिए ये ना काबिले बर्दाश्त है। अपने आपको चमकाने और लोगों की नजरों में आने के लिए किसी भी धर्म के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी करना गलत है। इसके खिलाफ भी एक कानून बनना चाहिए, ताकि इस तरह कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी न कर सके। समाज ने ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए सख्त सजा का प्रावधान किए जाने की मांग भी की।

ऐसी बयानबाजी से बढ़ता है वाद विवाद
वहीं, इस मामले में ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे मोहम्मद तारीख मजाहिरी ने बताया कि अभी जो ज्ञापन दिया गया है वो यति नरसिंहानंद का अल्लाह के नबी की शान में जो गुस्ताखी वाला बयान है। उसमें यह बताया गया है कि हिंदुस्तान में एकता अमन चैन भाईचारा बरकरार है, लेकिन इस तरह के बयानबाजी से मुल्क के अंदर अमन चैन खराब होता है। लोगों का एक दूसरे से वाद विवाद बढ़ता रहता है। साथ ही ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि मजहबे इस्लाम दूसरे तमाम मजहब के मानने वालों को इज्जत और एहतराम देता है। तो दूसरे धर्म के मानने वालों को भी चाहिए कि जो इस्लाम के मानने वाले हैं उनके पैगंबर की शान में कोई गुस्ताखी वाली बात ना करें। साथ ही हमने ज्ञापन में ये मांग भी की है कि मुल्क में इस तरह से कानून बने कि अगर दूसरे धर्म को लेकर किसी तरह से कोई कुछ टिप्पणी करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि आगे से कोई भी इस तरह से बांटने वाली या गुस्ताखी वाली बयान बाजी ना कर सके।

मुसलमानों को भड़काने की कर रहे कोशिश
खरगोन मुस्लिम समाज से गुलाम फरीद ने इस मामले में बताया कि अभी हमारे मुल्क में कुछ ऐसा माहौल चल रहा है कि जैसा जिसका दिल चाहता है और जब चाहता है वह हमारे नबी की शान में गुस्ताखी कर देता है। शासन प्रशासन इसकी तरफ ध्यान ही नहीं दे रहा है। इस देश के मुसलमान आज भी देश के संविधान पर पूरी तरह से भरोसा करते हैं। इसीलिए आज का हमारा यह ज्ञापन देना भी है कि हमारे मुल्क में भाईचारा बना रहे, और किसी व्यक्ति विशेष की गलत टिप्पणी से, जो पैगंबर इस्लाम की शान में गुस्ताखी करके आपस में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं उनकी वजह से हमारी आपस की मोहब्बतें खराब ना हो जाएं। हम यही चाहते हैं कि कानून व्यवस्था बनी रहे और दोबारा इस तरह के बयानात किसी भी स्टेज से ना हों, और जो मुसलमान की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है, दोबारा किसी मंच से कोई ऐसा ना कर सके।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें