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बरगी क्रूज हादसा: ओंकारेश्वर और हनुमंत्या पर नावों की जांच को लेकर अलर्ट, यहां 45 हादसों में 39 की बचाई जान

Fri, 01 May 2026 05:56 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

मध्य प्रदेश के बरगी में हुए क्रूज हादसे के बाद पूरे प्रदेश भर के जलाशयों में चल रहे क्रूज और नावों में बैठने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं प्रदेश के खंडवा जिले में जहां एक और हनुमंत्या जैसा बड़ा पर्यटन स्थल मौजूद है, तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश की जीवन दायनी नदी मां नर्मदा के किनारे स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। इसके चलते इन दोनों ही स्थानों पर बड़ी संख्या में देश और दुनिया के पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। यही नहीं, इन दोनों ही स्थानों पर बोट, क्रूज या वॉटर स्पोर्ट्स जैसी एक्टिविटी चलती रहती हैं। ऐसे में जबलपुर में हुए हादसे के बाद इन दोनों ही स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

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हालांकि खंडवा जिला प्रशासन पहले ही सुरक्षा को लेकर सतर्क है, और जिला प्रशासन के अधिकारी यहां अक्सर औचक निरीक्षण भी करते रहते हैं। इसके चलते जिले में कोई बड़ा हादसा अब तक देखने को नहीं मिला है। वहीं खंडवा जिला कमांडेंट आशीष कुशवाह के नेतृत्व में जिले का होमगार्ड दस्ता और एसडीईआरएफ की टीम लगातार नर्मदा के घाटों पर नजर बनाए रहती है। यहां ओंकारेश्वर के घाटों में बीते 9 माह में करीब 45 हादसे दर्ज किए गए हैं, जिनमें बचाव दल की सतर्कता से अब तक करीब 39 से अधिक लोगों को जीवित बचाया गया है।

इन हादसों को लेकर खंडवा जिला कमांडेंट आशीष कुशवाह का कहना है कि, इस तरह के हादसों के समय सबसे महत्वपूर्ण बचाव लाइफ जैकेट से रहता है। इसलिए जिला प्रशासन की टीम सभी नाविकों पर यह नजर रखती है कि वे खुद भी और नाव में बैठने वाले प्रत्येक व्यक्ति को लाइफ़ जैकेट पहनाना सुनिश्चित करें। इससे किसी इमरजेंसी या हादसे के समय मानव जीवन को बचाया जा सके, और उसे कम से कम उतना समय तो मिल जाए जिसमें बचाव दल उन तक पहुंच सके। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी नावें लाइसेंस धारी नाविकों द्वारा ही चलाई जाएं। यही नहीं 18 वर्ष से कम के बालकों को नाव चलाना प्रतिबंधित किया गया है। वहीं नावों की फिटनेस की लगातार जांच भी की जाती है, जिससे हादसों में कमी लाई जा सके।

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