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Khandwa News: गांव के तीन मकानों में लगी आग, अंदर सो रहे किसान की जिंदा जलकर मौत

Tue, 16 Dec 2025 02:19 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के नर्मदानगर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। यहां के ग्राम सक्तापुर में सुबह करीब 5:30 बजे अचानक गांव के तीन मकानों में भीषण आग भड़क उठी। इस भयावह आग में घर में अकेले सो रहे 50 वर्षीय किसान सूरज राठौर की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, आग लगने के दौरान किसान के अन्य परिजनों को ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकालकर उनकी जान बचा ली। बताया जा रहा है कि गांव के तीन घरों में लगी यह आग इतनी तेजी से फैली कि मृतक सूरज राठौर को घर से बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिल पाया और देखते ही देखते उनका पूरा मकान आग की चपेट में आ गया, जिसमें सूरज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इधर घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत फायर फाइटर टीम को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे अग्निशमन दल ने आग बुझाई। वहीं, प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

6 दमकल वाहनों से बुझाई गई आग
बता दें कि ग्रामीणों से सूचना मिलते ही पुलिस तहसीलदार और प्रशासनिक अमला भी तुरन्त मौके पर पहुंचा। यहां घरों में लगी आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने के लिए मूंदी, पुनासा, ओंकारेश्वर और संत सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट से कुल 6 फायर गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। उसके बाद कई घंटों की मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि इस दौरान आग से जले तीनों घरों में रखा अनाज, बिस्तर, कपड़े और घरेलू सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।

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घर में रहे अकेले किसान का किसी को नहीं रहा ध्यान
वहीं, ग्राम सक्तापुर के सरपंच सुनील राठौर ने बताया कि आग तेली राठौर समाज के तीन कच्चे मकानों में लगी थी। इनमें से दो घरों के लोगों को तो समय रहते जगा लिया गया, लेकिन तीसरे घर में अकेले सो रहे सूरज राठौर की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा सका। जानकारी के अनुसार सूरज की मां कुछ दिनों से इंदौर में बेटी के घर गई हुई थीं। यहां ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दमकल वाहनों में पाइप और मोटर पंप ही नहीं थे, जिससे पानी भरने में दिक्कत आई। पानी खत्म होने पर फायर ब्रिगेड जलाशय से सीधे पानी नहीं भर सकी। मजबूरी में ग्राम पंचायत के टैंकरों और बाल्टियों से ग्रामीणों ने पानी भरकर आग बुझाने में मदद की।

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