मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना ब्लॉक के दिवाल ग्राम से एक किसान की आत्महत्या करने का बड़ा मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार किसान मदन पिता नारायण ने खेत में ही कीटनाशक पीकर जान दे दी। उसका शव बुधवार को खेत में ही पड़ा मिला था। प्रारंभिक रूप से यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था। इधर सूचना पर पंधाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची, और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई और वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
इधर किसान की मौत के बाद किसान संघ ने इसे सोयाबीन की फसल की बोवनी करने लिए कर्ज के चलते आत्महत्या करना बताया था। किसान नेताओं का कहना है कि मृतक किसान ने करीब 5 एकड़ के खेत में सोयाबीन की फसल बोई थी, लेकिन उस किसान की सही से उपज नहीं निकलने के चलते वह परेशान था और चूंकि उस किसान ने कर्ज लेकर फसल के बीज बोया था। इसलिए लागत नहीं निकलने से वह परेशान था और इसी के चलते उसने आत्महत्या की है।
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इस मामले में खंडवा जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने खुलासा करते हुए बताया कि पंधाना क्षेत्र के दीवाल ग्राम में एक किसान के कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने का दुर्भाग्यपूर्ण मामला सामने आया था। इसकी जांच जिला प्रशासन में स्थानीय प्रशासन के जरिए कराई थी, और उसमें पाया गया कि मृतक किसान पारिवारिक कारणों के चलते बड़ा ही परेशान था। हालांकि जिला कलेक्टर ने माना कि किसान ने पूर्व में कुछ कर्ज भी लिया था।
सोयाबीन की फसल खराब होने के चलते आत्महत्या करने से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स को झूठा बताते हुए कलेक्टर गुप्ता ने कहा कि किसान द्वारा सोयाबीन नहीं बल्कि मक्का की फसल अपने खेतों में लगाई गई थी। यही नहीं जिला कलेक्टर के अनुसार पंधाना सहित आसपास के सभी क्षेत्रों में जहां-जहां किसानों की फसल नुकसानी हुई है, वहां सर्वे करा कर मुआवजा पत्रक तैयार कराए जा रहे हैं और जल्द ही किसानों को मुआवजा राशि वितरित हो जाएगी।