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Khandwa: दादाजी मंदिर निर्माण में अब बजट पर रार, सौ करोड़ में मार्बल या 25 करोड़ में लाल बलुआ पत्थर से बनेगा

Thu, 06 Mar 2025 08:37 AM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

मध्यप्रदेश के खंडवा नगर में बीते 40 सालों से बहुप्रतिक्षित दादाजी मंदिर निर्माण पर अब बात आगे बढ़ी है। हालांकि अभी भी सफेद या लाल पत्थर से निर्माण पर बात अटकी हुई है। इसको लेकर जिला कलेक्टर सभागार में बुधवार रात करीब 11:15 बजे तक बैठक की गई। करीब 3 घंटे चली इस बैठक के पहले मंदिर निर्माण से जुड़े तीनों पक्षों के आर्किटेक्ट ने दादाजी धाम पहुंचकर निर्माण से जुड़े बिंदुओं की पड़ताल की। इस दौरान सभी आर्किटेक्ट मंदिर का निर्माण सफेद मार्बल से कराए जाने को लेकर सहमत तो हुए, लेकिन उसका बजट अधिक होने के चलते बाद में निर्णय लिया गया कि गर्भगृह को सफेद मार्बल से बनाते हुए बाहरी परिसर को लाल पत्थरों से बनाया जाएगा। जैसा कि राम मंदिर और अक्षरधाम मंदिर में भी किया गया है।

बता दें कि लाल पत्थर से निर्माण में 25 करोड़ का बजट लगने वाला है। तो वहीं सफेद मार्बल से यह लागत लगभग 100 करोड़ के भी पार जाएगी, जिसके बाद फिलहाल मंदिर निर्माण की सुई अब बजट पर आकर रुकी हुई है। इसको हल करने अगली बैठक 22 फरवरी को आयोजित की गई है।

खंडवा जिला कलेक्टर कार्यालय में बुधवार देश शाम शुरू हुई दादाजी मंदिर निर्माण की बैठक रात 11:00 के बाद तक भी जारी रही करीब तीन घंटे चली इस बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, एसपी मनोज राय, सीईओ नागार्जुन गौड़ा, खंडवा और पंधाना विधायक के अलावा कुछ गणमानी नागरिक और मंदिर निर्माण से जुड़े तीनों पक्ष दिन में मंदिर ट्रस्ट, पटेल सेवा समिति और छोटे सरकार के अनुयाई भी शामिल हुए थे। मीटिंग के दौरान इन सभी के इंजीनियर भी मौजूद थे तो वही सभी के अपने-अपने तर्क थे। हालांकि मकसद सभी का एक था दादाजी के भव्य मंदिर का निर्माण करना।

तीन गुंबज वाला मॉडल आया सामने
दादाजी मंदिर निर्माण की इस मीटिंग की शुरुआत में मंदिर के मॉडल को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की गई। इसके बाद यह निर्णय हुआ कि तीन गुंबज वाला मंदिर तरीकेदार होगा। इसमें सबसे ऊंचा शिखर दादाजी के समाधि पर बनाया जाएगा। इसके साथ ही दूसरी तरफ मध्य शिखर मां नर्मदा का होगा एवं एक तरफ छोटे दादाजी के समाधि वाला शिखर होगा।

छोटे सरकार वाला पक्ष असहमत
मंदिर निर्माण का मॉडल चयन होने के बाद बात सफेद या लाल पत्थर से निर्माण पर फाइनल हो रही थी। इसी बीच बजट वाली स्थिति को देखकर संभावना जताई जा रही है कि लगभग 25 करोड़ रुपए वाले लाल बंशीपुर खदान के बलुआ पत्थर से मंदिर निर्माण संभव हो सकता है। हालांकि बैठक में दो मुद्दे देखकर छोटे सरकार वाला पक्ष आखरी में असहमति जता गया। वहीं पटेल समिति न्यूट्रल रही। इधर मंदिर ट्रस्ट के पास फ़िलहाल बजट के नाम पर केवल 7 करोड़ रुपए होना बताया गया।

जनता सहमति से दान दे, तब सफेद मार्बल से निर्माण संभव
मंदिर निर्माण का बजट सामने आने के बाद फिलहाल सफेद मार्बल से मंदिर का निर्माण संभव नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि इसका बजट यदि डेढ़ नंबर क्वालिटी का भी मार्बल लिया जाए तो करीब 100 से सवा सौ करोड़ रुपए इसकी लागत बैठ रही है। इसके चलते यह बजट थोड़ा संभव नजर नहीं आ रहा है। इधर लाल पत्थर से निर्माण की लागत करीब 25 करोड़ बैठ रही है। ट्रस्ट भी पूरा पैसा केवल मंदिर निर्माण पर ही नहीं लगा पाएगा। और अभी छोटे सरकार वाला पक्ष बजट से हाथ खड़े कर गया है। वहीं छोटे सरकार वाला पक्ष शायद इसलिए भी असहमति जाता रहा है, क्योंकि उनके द्वारा लाया गया 92 ट्रक मार्बल मंदिर के गर्भगृह के बजाय कहीं और लगाने पर बैठक में चर्चा हुई है। ऐसे में अब जनता अपनी सहमति से वहां जाकर रुपया दे, तभी बात संभव है। क्योंकि दादाजी ट्रस्ट का नियम है कि मांगने कभी नहीं जाएंगे।

मंदिर निर्माण के लिए बनेगी निर्माण समिति
बता दें कि इस बैठक में सांसद और कलेक्टर ने तय किया है कि मंदिर निर्माण होगा तो एक निर्माण समिति बनेगी। मंदिर निर्माण के बाद यह समिति भंग हो जाएगी। हालांकि ट्रस्ट पहले और बाद में भी अपना काम विधिवत जारी रखेंगे। इसके साथ ही आगामी 22 मार्च को फिर बैठक हो सकती है, जिसमें केवल बजट पर चर्चा होगी कि किस तरह के पत्थर का मंदिर बनना चाहिए।

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