पवित्र श्रावण मास के चलते ओंकारेश्वर में हर सोमवार को भगवान भोलेनाथ की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाती है। इस दौरान भगवान ओंकारेश्वर और भगवान ममलेश्वर की सजी-धजी पालकियां नगर भ्रमण करती हैं और भक्तगण पूरे रास्ते गुलाल और गुलाब की पंखुड़ियां उड़ाकर स्वागत करते हैं। लेकिन इस बार प्रशासन ने गुलाल उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
रविवार को जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर श्रद्धालुओं से अपील की है कि पालकी यात्रा के दौरान गुलाल न उड़ाएं, उसकी जगह फूलों की पंखुड़ियों का उपयोग करें। यह निर्णय तीर्थयात्रियों, महिला श्रद्धालुओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पुनासा एसडीएम और ओंकारेश्वर मंदिर प्रशासक शिवम प्रजापति ने बताया कि कई बार असामाजिक तत्व गुलाल उड़ाने के नाम पर श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाते हैं। गुलाल में रंगे ऐसे लोगों की पहचान करना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे व्यवस्था प्रभावित होती है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया है।
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एसडीएम ने स्पष्ट किया कि भगवान भोलेनाथ पर गुलाल पूजा सामग्री के रूप में चढ़ाया जा सकता है, लेकिन उसे हवा में उड़ाना प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि पालकी यात्रा को शांतिपूर्ण और धार्मिक गरिमा के अनुरूप बनाए रखें तथा केवल गुलाब या अन्य फूलों की पंखुड़ियों का ही उपयोग करें। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य यात्रा में शामिल हर व्यक्ति की सुरक्षा और धार्मिक भावना की रक्षा करना है। आदेश के पालन में लापरवाही बरतने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।