खंडवा में बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों ने जमकर हंगामा किया। यहां स्थानीय अनाज मंडी के समीप इंदौर-खंडवा हाइवे को किसानों ने चक्काजाम कर बंद कर दिया, और बीच सड़क पर ट्रैक्टर खड़े कर वे धरना देने बैठ गए। उनका आरोप था कि मंडी में उन्हें अपनी उपज सोयाबीन और मक्का का सही दाम नहीं मिल रहा है। साथ ही मंडी में तीन तौल कांटे होने के बावजूद केवल एक कांटे पर ही तुलाई हो रही है जिसके चलते उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यही नहीं तौल के बाद उन्हें उपज को व्यापारियों के गोदाम तक भी छोड़ने जाना पड़ रहा है।
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किसानों के इस जाम से हाइवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन का बल मौके पर पहुंचा और किसानों को समझाइश देने की कोशिश की गई। वहीं कुछ पुलिस अधिकारियों की किसानों से हंगामेदार बहस भी हुई, जिससे किसान और भी आक्रोशित दिखे। करीब तीन घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद किसानों की मांगे मान ली गईं और जाम खुलवाया जा सका।
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इंदौर-खंडवा हाइवे पर लगे इस जाम के चलते अन्य वाहनों के साथ ही बसें और स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए। इसके बाद बस में सवार यात्रियों को किशोर कुमार की समाधि स्थल के पास उतार दिया गया तो वहीं स्कूली बच्चों के लेने उनके माता पिता अपने वाहनों से इंदौर नाके तक पहुंचे। इधर हंगामा कर रहे किसानों का कहना था कि मंडी में मक्का की बोली 1000 से 1200 रु प्रति क्विंटल लगाई जा रही है जबकि इसका दाम 2000 रु से अधिक किया जाना चाहिए। ये सिर्फ खंडवा की कृषि उपज मंडी में ही हो रहा है, जबकि दूसरी जगह किसानों को फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं।