भोपाल में बुधवार को प्रदेश की सियासत उस समय गरमा गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी किसानों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सरकारी आवास पर अचानक पहुंच गए। किसानों की फसलों के उचित दाम न मिलने और भावांतर योजना की जगह सीधा समर्थन मूल्य देने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया। खास बाद यह है कि जब पुलिस ने कांग्रेसियों को रोकने की कोशिश की तो पटवारी पीसीसी से पैदल बंगले तक गए। और इस दौरान अनाज को बोरियां भी साथ में लिए हुए थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख डॉ. मुकेश नायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने को लेकर दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई टीटी नगर थाना पुलिस द्वारा की गई है।
इससे पहले किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में करीब डेढ़ दर्जन किसान कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और जीतू पटवारी से मुलाकात की। इसके बाद सभी ने मिलकर शिवराज सिंह से मिलने का फैसला लिया। जैसे ही यह जत्था रेड क्रॉस चौराहे की ओर बढ़ा, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। कई बार वाहन और अवरोधक लगाकर कांग्रेसियों को रोका गया, लेकिन जीतू पटवारी पुलिस को चकमा देते हुए लगातार आगे बढ़ते रहे।
प्रदर्शनकारियों ने शिवराज के बंगले के सामने सड़क पर गेहूं की बोरियां खाली कर दीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार किसानों को ठग रही है, और बार-बार सिर्फ वादे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर राहत नहीं मिल रही
आखिरकार जब प्रदर्शनकारी शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंच गए, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एक बोरी फटने से अनाज सड़क पर फैल गया, और कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं बैठकर नारे लगाने लगे। इस बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह खुद बाहर आए और जीतू पटवारी समेत कुछ नेताओं को बातचीत के लिए भीतर बुलाया। दोनों पक्षों के बीच कुछ देर चर्चा चली, लेकिन बाहर मौजूद कार्यकर्ता बंगले के अंदर जाने की ज़िद करते रहे, जिससे मौके पर पुलिस और कार्यकर्ताओं में हल्की झड़प भी हुई।
जीतू पटवारी ने कहा कि पूर्व में बतौर मुख्यमंत्री और अब कृषि मंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को केवल भावांतर योजना के जरिए ठगा है। उन्होंने मांग की कि किसानों को फसल का उचित मूल्य सीधा दिया जाए, न कि फॉर्मूला आधारित छूट देकर भ्रम फैलाया जाए।