ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक शुक्रवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब सभापति की गैरमौजूदगी में भाजपा की महिला पार्षद मंजू राजपूत को आसंदी पर बैठाए जाने को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति जताई। कांग्रेस पार्षदों ने आसंदी पर बैठने की प्रक्रिया और सदन चलाने के नियमों को लेकर सवाल खड़े किए। देखते ही देखते दोनों दलों के पार्षद आमने-सामने आ गए और सदन में जमकर हंगामा शुरू हो गया।
दरअसल, सभापति की अनुपस्थिति में बैठक की कार्यवाही संचालित करने के लिए मंजू राजपूत को आसंदी पर बैठाया गया था। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही नगर निगम की नियमावली के अनुसार संचालित होनी चाहिए। कांग्रेस पार्षदों की आपत्ति के बाद सदन में बहस तेज हो गई।
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मामला बढ़ने पर बीजेपी पार्षद भी कांग्रेस के विरोध पर आक्रोशित हो गए। दोनों पक्षों के पार्षदों के बीच तीखी बहस होने लगी। कुछ देर बाद स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत तक पहुंच गई। सदन में बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रभारी सभापति ने तत्काल कार्यवाही स्थगित कर दी।
कांग्रेस पार्षद अवधेश कौरव ने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही नियमों के मुताबिक संचालित होनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि आसंदी पर बैठने की प्रक्रिया को लेकर नियमों का पालन किया जाना जरूरी है और इसी मुद्दे पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई। वहीं, बीजेपी नेता और नगर निगम से जुड़े कृष्ण राव दीक्षित ने कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए अपनी बात रखी। बीजेपी का कहना है कि सदन की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय परिषद के कामकाज को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
कुछ देर बाद नगर निगम परिषद की बैठक दोबारा शुरू हुई, लेकिन हंगामा पूरी तरह शांत नहीं हुआ। दोनों पक्षों के पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और विरोध जारी रहा। भारी हंगामे के चलते करीब डेढ़ घंटे बाद सदन की बैठक को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। अब सोमवार को नगर निगम परिषद की बैठक दोबारा होगी। ऐसे में देखना होगा कि सदन में कामकाज सुचारू रूप से चल पाता है या एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस पार्षद आमने-सामने आते हैं।