फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gwalior News: संगीत विश्वविद्यालय में छात्रों का हंगामा, प्रोफेसर पर लगाए आपत्तिजनक बातें करने के आरोप

Wed, 26 Mar 2025 07:51 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

मध्य प्रदेश का राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर साजन कुरियन मैथ्यू पर छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और देर रात व्हाट्सऐप कॉलिंग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इसी को लेकर छात्राओं ने कुलगुरु आचार्य स्मिता सहस्रबुद्धे के चेंबर में हंगामा किया और धरने पर बैठ गईं।

अलग-अलग विषयों की छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर मैथ्यू देर रात उन्हें व्हाट्सऐप पर कॉल करते हैं और अनुचित व्यवहार करते हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कई बार इस विषय पर शिकायत की, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

कुलगुरु के चेंबर में तीन घंटे तक हंगामा
छात्राओं के समर्थन में ABVP विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। लगभग तीन घंटे तक कुलगुरु के चेंबर में हंगामा चलता रहा। प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि जब तक उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं होती, वे प्रदर्शन जारी रखेंगी।

ये भी पढ़ें- आधी रात में घरों की डोर बेल बजा रही स्त्री कौन? वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बढ़ाई गश्त, देखें

प्रोफेसर ने किया आरोपों से इनकार
आरोपी प्रोफेसर साजन कुरियन मैथ्यू ने इन आरोपों को मनगढ़ंत बताया और कहा कि यह उनके खिलाफ एक साजिश है। दूसरी ओर, कुलगुरु आचार्य स्मिता सहस्रबुद्धे ने कहा कि जब तक छात्राओं की ओर से लिखित में शिकायत नहीं मिलती, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।

पहले भी लग चुके हैं यौन उत्पीड़न के आरोप
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विश्वविद्यालय के किसी प्रोफेसर पर इस तरह के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी चार प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं, लेकिन प्रशासन किसी भी ठोस कार्रवाई में विफल रहा है।

ये भी पढ़ें- नाबालिग से कट्टा अड़ाकर दुष्कर्म, वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल

प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद किसी भी आरोपी के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिल रहा है और शिक्षण संस्थान का माहौल खराब हो रहा है।


 

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें