मध्य प्रदेश में विवादों की यूनिवर्सिटी के नाम से विख्यात ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चाओं में है। भ्रष्टाचार के आरोपों से विवादों में घिरे कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी को पद से हटा दिया गया है। विश्वविद्यालय में इस समय धारा 52 लगा दी गई है। साथ ही कार्य परिषद को भी भंग कर दिया गया है। आगामी आदेश तक कुलगुरु की जिम्मेदारी अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के पूर्व कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य को दी गई है। यह आदेश स्वयं राज्यपाल द्वारा मंगलवार को जारी किया गया।
बता दें कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर मुरैना के सबलगढ़ तहसील के झुंडपुरा गांव में 14 साल से शिवशक्ति कॉलेज को संबंध किए जाने और कॉलेज में छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में घिरे कुलगुरु को पद से हटाए जाने की मांग एनएसयूआई एवं अन्य दलों द्वारा की जा रही थी। इसके लिए लगातार एक वर्ष से विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहे हैं।
इसके अलावा मुरार में रहने वाले अरुण शर्मा ने भी आपत्ति दर्ज करवाई थी। उन्होंने कहा था कि जेयू से सांठगांठ कर उसके दस्तावेज शिवशक्ति कालेज के प्राचार्य के नाम पर उपयोग किए गए। शिवशक्ति कॉलेज शुरुआत से ही सिर्फ दस्तावेज में ही चल रहा है। इसकी शिकायत की गई, जिसके बाद ईओडब्ल्यू द्वारा कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी सहित 16 अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत फिर भी दर्ज की गई थी।