मध्यप्रदेश के गुना में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक परिवार आत्महत्या की अनुमति मांगने हाथ में सल्फास और तख्तियां लेकर पहुंच गया। इस दृश्य देखकर जनसुनवाई में मौजूद अधिकारी और बाहर आवेदन देने आए लोग भी हक्का-बक्का रह गए।
पूछताछ करने पर पता चला कि आत्महत्या की अनुमति मांग रहा परिवार आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम तमेड़ी का रहने वाला है और वह जमीन विवाद से परेशान है। परिवार सहित आए आवेदक गुमान सिंह बंजारा ने बताया कि उसकी जमीन पर गांव के ही लोगों ने जबरिया कब्जा कर लिया है। जमीन पर अवैध कब्जा कराने में पटवारी और पुलिसकर्मियों की भूमिका भी बताई जा रही है। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने हाल ही में आवेदक की बेटी नन्नीबाई को जान से मारने का प्रयास किया है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से कहा है कि उनकी जमीन उन्हें वापस दिलाई जाए या फिर आत्महत्या करने की अनुमति दी जाए। बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी को तुरंत मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दें, प्रदेश भर में आयोजित होने वाली जनसुनवाई के दौरान अलग-अलग जिले में कुछ न कुछ ऐसे मामले हमेशा सामने आते रहते हैं, जिसमें पीड़ित परिवार न्याय के लिए कुछ न कुछ अलग करते हुए नजर आते हैं। जैसा कि गुना जिले में सामने आया है। जहां अपनी सुनवाई न होने से नाराज पीड़ित परिवार ने कलेक्टर के समक्ष उनकी सुनवाई करते हुए उनकी जमीन वापस दिलाने की मांग की है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि हमारी नौ बीघा जमीन पर दबंगों के द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। हम जमीन जोतने जाते हैं तो हम पर ट्रैक्टर से हमला करने की धमकी दी जाती है। हम यहां सल्फास की गोली लेकर आए हैं या तो हमारी जमीन दिलाई जाए या हमें इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए।