पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह सोमवार को गुना दौरे पर रहे। यहां उन्होंने जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में हुई किसान की निर्मम हत्या को लेकर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था की नाकामी का जीता-जागता उदाहरण है। दिग्विजय सिंह ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
उन्होंने बताया कि वे अपने पुत्र जयवर्धन सिंह के साथ आज पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे और हर संभव सहायता का भरोसा देंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि “मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हुई है, अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।”
उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार अपराध और अव्यवस्था पर नियंत्रण खो चुकी है। इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम के साथ हुई घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और राज्य की छवि धूमिल करने वाली घटना है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्थानीय पुलिस खिलाड़ियों को पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दे सकी, जबकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का दौरा था।
भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिए गए बयान, “टीम को उन्हें बताकर निकलना चाहिए था” इस पर तीखी टिप्पणी करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “जब जनता और मेहमान भी सुरक्षित नहीं, तो यह कानून-व्यवस्था की लाचार स्थिति का प्रमाण है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं और प्रदेश में अपराधियों के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं।