जिले में मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश के चलते बुढनेर नदी उफान पर आ गई है। इसके चलते समनापुर से गौराकन्हारी जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। पानी का तेज बहाव सड़क को पार कर रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों की माने तो यह स्थिति हर बार बारिश के दौरान उत्पन्न होती है, लेकिन इस बार पानी का बहाव इतना तेज है कि सामान्य पैदल यातायात भी जोखिम भरा हो गया है। नदी पर कोई पुल या वैकल्पिक रास्ता नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में उफनती नदी को पार करने को विवश हैं। तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ग्रामीण एक-दूसरे का सहारा लेकर, जान हथेली पर रखकर नदी पार कर रहे हैं।
इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण आवागमन करते हैं, जिसमें छात्र, किसान, मजदूर और बुजुर्ग शामिल हैं। नदी के उफान पर आने से बच्चों की स्कूल पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं, कामकाजी लोग भी फंसे हुए हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। क्षेत्र में न तो अस्थायी पुलिया बनाई गई है और न ही सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पहले से बारिश की चेतावनी थी। इसके बावजूद कोई एहतियात नहीं बरता गया। नतीजतन, अब ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। इस आपात स्थिति में न तो पुलिस प्रशासन नजर आ रहा है और न ही कोई बचाव दल। यदि इसी तरह हालात बने रहे तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बुढनेर नदी पर शीघ्र स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए या कम से कम बारिश के मौसम में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही जब तक पानी का स्तर कम नहीं होता, तब तक वहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर आमजन को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया जाए। डिंडोरी जिले में इस प्रकार की घटनाएं हर मानसून में सामने आती हैं, जिससे साफ है कि आपदा प्रबंधन और पूर्व तैयारियों के नाम पर व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई हैं।