मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संवेदनशीलता से भरे एक कदम ने आम जनता का दिल जीत लिया। गुरुवार को इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरते समय मुख्यमंत्री ने एक दिव्यांग भुट्टा विक्रेता की पुकार सुनकर न केवल अपना काफिला रुकवाया, बल्कि खुद गाड़ी से उतरकर उसकी दुकान तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आलीराजपुर जिले के भाबरा में आयोजित 'किसान बलराम कृषि महोत्सव' में शामिल होने के लिए धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम राजगढ़ के रास्ते यात्रा कर रहे थे। राजगढ़ फोरलेन चौकड़ी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत के बाद जब उनका काफिला आगे बढ़ रहा था, तभी सड़क किनारे भुट्टे का ठेला लगाने वाले दिव्यांग हिम्मत चौहान ने मुख्यमंत्री को रुकने और भुट्टा खाने का आग्रह किया। दिव्यांग हिम्मत चौहान की आवाज सुनते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत अपना काफिला रुकवाने के निर्देश दिए। वे अपने वाहन से उतरे और सीधे हिम्मत की दुकान पर पहुंचे।
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मुख्यमंत्री ने वहां न केवल हिम्मत चौहान से आत्मीयता से बातचीत की, बल्कि भुट्टा खरीदकर उसकी पीठ थपथपाई और उनका उत्साहवर्धन किया। भुट्टे के बदले मुख्यमंत्री ने हिम्मत से उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने भुट्टे के बदले 500 रुपए दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला झाबुआ जिले के भाबरा के लिए रवाना हो गया। वहां वे किसान बलराम कृषि महोत्सव सहित अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे। राजगढ़ में स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।