दमोह जिले के हटा में एक पुल की सेंटिंग गिरने ठेकेदार घायल हो गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। नगर पालिका के पीछे बस स्टैंड से गांधी वार्ड बूढ़ा हटा जाने के लिए एसडीआरएफ योजना के तहत 89 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण किया जा रहा है। इसके चार पिलर खड़े हो चुके हैं। ऊपर सेंटिंग ढालने का कार्य किया जा रहा है। गुरुवार शाम अचानक जैसे ही सेंटिंग पर मटेरियल पहुंचा तो पूरी सेंटिंग भर-भराकर नीचे गिर गई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन ठेकेदार जरूर घायल हो गया।
उल्लेखनीय है कि निर्माण के शुरुआती समय से ही गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे थे, लेकिन संबंधित विभाग के जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके परिणामस्वरूप यह हादसा घटित हुआ। इस पूरे घटनाक्रम में ठेकेदार प्रवेंद्र चौधरी घायल हो गए, जिन्हें सिर और नाक में चोटें आई और इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
बता दें कि इस पुल के निर्माण में करीब 30 से अधिक मजदूर काम में लगे हुए थे। सभी पुल के ऊपर सेंटिंग ढालने का कार्य कर रहे थे। कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुआ था। करीब 25 फीट ऊंचाई पर सभी मजदूर कार्य कर रहे थे। गनीमत रही कि हादसे में कोई मजदूर घायल नहीं हुआ। महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना हो जाने के बाद भी कुछ मजदूर सेंटिंग की सरिया निकाल रहे थे और वह भी कोई सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुए थे।
जानकारी अनुसार यहां पर एक प्रयोगशाला बनाई गई है, जिसमें मटेरियल टेस्टिंग के लिए रखा जाना चाहिए, लेकिन प्रयोगशाला हमेशा बंद रहती है। नगर पालिका क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर कार्य होता है और कुछ ही दिनों में क्षतिग्रस्त हो जाता है, लेकिन किसी भी ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में उपयंत्री जाकिर रंगरेज का कहना है कि पिछले एक माह से सेंटिंग पानी में लगी थी। इसलिए पानी में पाइप गल गए होंगे शायद इसलिए सेंटिंग गिर गई। ठेकेदार पुनः सरिया अलग कर सेंटिंग लगाएगा।