दमोह में सोमवार सुबह ठंड का पहला कोहरा छाया हुआ है और न्यूनतम तापमान भी आठ डिग्री तक पहुंच गया है। आलम यह है कि सड़कों पर निकलने वाले वाहन चालकों को हेडलाइट जलानी पड़ रही है। विजिबिलिटी इतनी कम है कि लोगों को 50 कदम दूर का भी दिखाई नहीं दे रहा है। दिसंबर का आधा महीना बीत जाने के बाद अब कड़ाके की ठंड शुरू हुई है। वहीं मौसम विशेषज्ञ राजेश खबसे के अनुसार आने वाले दिनों में इसी प्रकार का मौसम बना रहेगा। सुबह की पाली में लगने वाले स्कूलों के बच्चे कंपकंपाते हुए स्कूल जा रहे थे।
सड़कों पर फैली सफेद चादर
सोमवार सुबह 8:00 बजे शहर की सड़कों पर कोहरे की सफेद चादर छाई हुई थी। दमोह से जबलपुर और सागर जाने वाले हाइवे पर इतना घना कोहरा छाया था सामने कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन चालक इंडिकेटर और लाइट जलाकर चल रहे थे।
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नहीं दिख रही थी ट्रेन
रेलवे स्टेशन पर स्थिति यह थी कि कोहरे के कारण ट्रेन भी नहीं दिखाई दे रही थी। घटेरा रेलवे स्टेशन पर खड़े कुछ यात्रियों ने कोहरे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। यहां कोहरे में यात्री भी दिखाई नहीं दे रहे थे और लोग अलाव से अपनी ठंड दूर कर रहे थे।
मॉर्निंग वॉक पर नहीं निकले लोग
प्रतिदिन सर्किट हाउस की ओर मॉर्निंग वॉक पर लोग टहलने के लिए जाते हैं, लेकिन सोमवार की सुबह घना कोहरा होने के कारण गिने-चुने लोग ही सड़कों पर दिखाई दिए। क्योंकि ठंड काफी अधिक थी जिससे लोगों ने घरों से बाहर निकलना उचित नहीं समझा। सुबह घूमने निकले वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रमोहन गुरु ने बताया प्रतिदिन उनके साथ कई लोग योगा करने आते हैं, लेकिन आज कोहरे के चलते गिने-चुने लोग ही पहुंचे।
चल रही शीतलहर
पिछले दो दिनों से शीतलहर भी चल रही है। रविवार रात भी ठंडी हवाएं चल रही थीं। इससे अनुमान लगाया जा रहा था कि सोमवार की सुबह होते ही कोहरा छा जाएगा। जिस प्रकार से मौसम बना हुआ है उसे देखकर यह लगता है कि आज पूरे दिन धूप के दर्शन नहीं होंगे और लोगों को इसी तरह ठंड में कांपना पड़ेगा।