दमोह नगर पालिका ने स्वच्छता के प्रति लापरवाही बरतने वाले दुकानदारों की दुकान के बाहर सोमवार सुबह कचरा फेंकवा दिया। जैसे ही दुकानदार अपनी दुकान खोलने पहुंचे कचरा देखकर गुस्सा हो गए। दुकानदारों ने कहा कि यह तरीका ठीक नहीं है। उसके बाद उन्होंने खुद ही कचरे को उठाया। नगर पालिका सीएमओ प्रदीप शर्मा के आदेश पर सोमवार सुबह कुछ दुकानों के सामने कचरे का ढेर लगा दिया गया।
दरअसल कई दुकानदार कचरा डस्टबिन में नहीं रखते और न ही कचरा गाड़ी में फेंकते हैं। वह नाले में डाल देते हैं। घंटाघर के पास स्थित सोना मोबाइल के संचालक राजेश दुबे ने कहा कि उनकी दुकान के आसपास डस्टबिन नहीं है। इस कारण वे कचरा एक निश्चित स्थान पर डालते हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका चाहती तो जुर्माना लगा सकती थी, लेकिन दुकान के सामने कचरा डालना उचित नहीं है।
सीएमओ का है आदेश
नगरपालिका के सफाई सुपरवाइजर सुरेन्द्र करोसिया ने बताया कि कुछ दुकानदार नालियों में कचरा डालते हैं। इससे नालियां जाम हो जाती हैं और सफाई में दिक्कत होती है। बाजार में भी कचरा गाड़ी निकलती है। दुकानदार उसमें भी कचरा नहीं डालते। उन्होंने बताया कि 5-6 दुकानों के सामने कचरा रखा गया है।
सीएमओ का स्पष्ट आदेश है कि जो दुकानदार स्वच्छता में सहयोग नहीं करेंगे, उनके साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा। इस कार्रवाई से दुकानदारों में नाराजगी है। हालांकि बाद में दुकानदारों ने खुद ही अपनी दुकानों के सामने लगे कचरे के ढेर को साफ किया और अपनी दुकान खोली। हालांकि इस अनोखे आदेश को लेकर जब नगर पालिका सीएमओ प्रदीप शर्मा से बात करनी चाही तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।
नाले को साफ करने पहुंचे थे कर्मचारी
जिस समय दुकान के बाहर कचरा रखा गया, उस दौरान सफाई कर्मी अस्पताल चौराहे पर नाले की सफाई करने पहुंचे थे। उनके साथ सुपरवाइजर भी था। सफाई के दौरान कर्मचारियों ने देखा नाले में बहुत अधिक कचरा है, जो दुकानदारों द्वारा ही फेंका गया है। इस कचरे को सफाई कर्मियों के द्वारा निकाला गया और कुछ सूखा कचरा वहां संचालित होने वाली दुकानों के बाहर रख दिया।