दमोह शहर के नर्सिंग होम को चलाने वाले निजी डॉक्टरों ने बुधवार को दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर से मुलाकात की। छोटे-छोटे विषयों पर मिल रहे नोटिस के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। डॉक्टरों का कहना था कि यदि इसी तरह का प्रशासनिक रवैया रहा तो वो अब नर्सिंग होम बंद करने मजबूर हो जाएंगे। गुरुवार को काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे और 27 जून से सभी स्वास्थ्य संस्थान अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बैठक में दमोह के सभी नामी और वरिष्ठ डॉक्टर शामिल हुए।
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आपको बता दें दमोह के मिशन अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर द्वारा इलाज से हुई मौतों के मामले के बाद सभी निजी अस्पतालों के लिए जिला प्रशासन ने कई प्रकार की गाइड लाइन बनाई है। कई बार बैठकें भी हो चुकी हैं। आए दिन अस्पतालों में नोटिस पहुंच रहे हैं, जिनके नियम छोटे जिले के अस्पताल पूरे कर सकते हैं। इसलिए शहर के सभी डॉक्टर पहली बार प्रशासन के खिलाफ इस तरह के गुस्से में देखे गए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर संजीव सिंघई ने कहा पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है। हमारे रजिस्टर्ड डॉक्टर जो इस संगठन के सदस्य हैं। उन्हें प्रशासन द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। नोटिस में अमर्यादित भाषा का उपयोग किया जा रहा है। छोटी-छोटी कमियां निकाली जा रही हैं। रेत से भरी बाल्टी नर्सिंग होम में नहीं है। बेड की तरफ स्टूल नहीं है और भी छोटी कमियां निकालकर परेशान किया जा रहा है। इसलिए अब वह परेशान हो गए हैं और मरीजों का इलाज न करने का फैसला लिया जा रहा है अब वह दबाव नहीं झेल सकते। डॉक्टरों द्वारा यदि यह कदम उठाया गया तो स्वास्थ्य सेवाओं पर खासा असर पड़ सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग समन्वय बनाएगा
गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने सभी डॉक्टर को यह भरोसा दिलाया है कि जो खामियां हुई है उन्हें ठीक किया जाएगा। अधिकारियों के बीच समन्वय न होने के कारण बार-बार इस तरह से टीम अस्पताल में जांच करने के लिए गई, जिससे यह अव्यवस्था हुई। अब उसमें सुधार कर दिया गया है। आगे से ऐसा नहीं होगा। इसके बाद सभी निजी क्लिनिक अस्पताल संचालक ने तय किया कि अब हड़ताल नहीं करेंगे।