दमोह पुलिस की बहादुरी के किस्से सभी ने बहुत सुने हैं। ऐसे ही एक बहादुर पुलिसकर्मी दमोह में हैं। जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपना एक हाथ गंवाने के बाद फिर उसी जोश के साथ अपनी वापसी की है। जिले की बांदकपुर चौकी में पदस्थ रहे एएसआई ने जान जोखिम में डालते हुए ट्रेन की टक्कर में अपना हाथ गंवा दिया था। बुधवार को तीन महीने बाद एएसआई राजेंद्र मिश्रा की पुनः बांदकपुर चौकी में ही पदस्थापना हुई है। ढोल नगाड़े के साथ ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। मिश्रा ने पिछले साल नवंबर में एक रेल हादसे के दौरान अपना एक हाथ गंवा दिया था। जिसके बाद बुधवार को वह फिर से अपनी ड्यूटी पर लौटे।
10 नवंबर की रात करैया भदौली रेलवे स्टेशन पर दो युवकों की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई थी। रेल हादसे की सूचना मिलने पर एएसआई मिश्रा तत्काल मौके पर पहुंचे थे। रेलवे ट्रैक पर जमा भीड़ को हटाते समय पीछे से आ रही एक ट्रेन से उनकी टक्कर हो गई, जिसमें उनका बायां हाथ कट गया। इस घटना में डायल 100 के पायलट भी घायल हुए थे। दोनों घायलों को पहले जिला अस्पताल और फिर जबलपुर रेफर किया गया। जहां डाक्टरों ने हाथ वापस जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन इन्फेक्शन के कारण मिश्रा का कटा हुआ हाथ दोबारा नहीं जोड़ा जा सका। स्थानीय युवाओं ने एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन देकर मिश्रा के लिए आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की मांग की थी।
दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने एएसआई मिश्रा को बांदकपुर चौकी का प्रभार सौंपा। उनकी बहादुरी और समर्पण को सलाम करते हुए स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। यह घटना पुलिस अधिकारियों की कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति उनके समर्पण का एक प्रेरक उदाहरण है।