दमोह जिला अस्पताल में 9 माह के गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पथरिया तहसील के चंपत पिपरिया गांव की गर्भवती महिला के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने समय पर ऑपरेशन नहीं किया, जिसके चलते गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार चंपत पिपरिया निवासी 25 वर्षीय सुगंधी अहिरवाल, पत्नी प्रदीप अहिरवाल को शनिवार को प्रसव संबंधी जांच के लिए दमोह जिला अस्पताल लाया गया था। महिला को अस्पताल के एमसीएच वार्ड में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद सोनोग्राफी कराने के निर्देश दिए। परिजनों के मुताबिक सोनोग्राफी रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने शाम करीब 7 बजे ऑपरेशन करने की बात कही थी। परिवार ऑपरेशन की तैयारी में लगा रहा, लेकिन काफी देर तक महिला को ऑपरेशन थिएटर नहीं ले जाया गया। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ लगातार टालमटोल करता रहा और डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
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परिजनों का कहना है कि रात बढ़ने के साथ महिला की हालत बिगड़ती गई, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिला। देर रात करीब 1 बजे डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में पल रहे 9 माह के शिशु की मौत हो चुकी है। यह खबर सुनते ही परिजन भड़क उठे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। मृत शिशु के परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते ऑपरेशन कर दिया जाता तो बच्चे की जान बच सकती थी। उन्होंने पूरे मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जिला अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। अस्पताल प्रबंधक सुरेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि ऑपरेशन से पहले गर्भवती महिला द्वारा पानी पी लिया गया था, जिसके कारण तत्काल सर्जरी करना संभव नहीं था। अस्पताल प्रशासन ने इसे चिकित्सकीय प्रक्रिया से जुड़ी अनिवार्य परिस्थिति बताया है। अस्पताल प्रशासन का यह भी कहना है कि बाद में चिकित्सकों द्वारा सुरक्षित तरीके से मृत शिशु को बाहर निकाला गया और परिजनों को सौंप दिया गया। हालांकि परिजन अस्पताल की इस सफाई से संतुष्ट नजर नहीं आए।
घटना के बाद सोमवार सुबह पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल परिसर में बने शवगृह से मृत शिशु का शव निकलवाकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।