मध्य प्रदेश में जारी एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के बीच बुरहानपुर नगर में एक अजीब मामला सामने आया। यहां उर्दू माध्यम से फिजिक्स का पर्चा हल करने पहुंची छात्राओं को दिया गया प्रश्नपत्र हिंदी से गूगल ट्रांसलेट के जरिए उर्दू में अनुवाद करके छपवाया गया था। इसमें फिजिक्स के तकनीकी शब्दों का सही से उर्दू अनुवाद नहीं किया गया था, जिससे छात्राएं प्रश्नपत्र को समझने में परेशान हो रही थीं।
छात्राओं ने वहां मौजूद केंद्राध्यक्ष से मदद मांगी और उर्दू भाषा के फिजिक्स शिक्षक को बुलाने की मांग की। लेकिन, उनका आरोप है कि केंद्राध्यक्ष ने उनकी मांग ठुकरा दी। यही नहीं, छात्राओं का आरोप है कि केंद्राध्यक्ष ने उन्हें अपशब्द कहते हुए दुर्व्यवहार भी किया। इससे नाराज होकर छात्राओं ने एसडीएम से शिकायत करते हुए जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इधर, एसडीएम ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गलत अनुवाद के कारण छात्राएं परेशान
बुरहानपुर के शासकीय उर्दू हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राएं शहर के सेवा सदन स्कूल परीक्षा केंद्र में कक्षा 12वीं का फिजिक्स का पर्चा हल करने पहुंची थीं। लेकिन भौतिक शास्त्र की परीक्षा के दौरान छात्राओं ने प्रश्नपत्र में कई त्रुटियां होने की शिकायत की। छात्राओं का कहना था कि यह प्रश्नपत्र हिंदी से गूगल ट्रांसलेट के जरिए उर्दू में अनुवाद करके छपवाया गया है, जिससे फिजिक्स के शब्दों का सही अनुवाद नहीं हुआ है। बावजूद इसके, स्कूल प्रशासन ने छात्राओं को उर्दू शिक्षक उपलब्ध नहीं कराया। वहीं, छात्राओं का आरोप है कि शिक्षकों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया।
डीईओ बोले, नहीं हुआ अभद्र व्यवहार
इसी मामले को लेकर बड़ी संख्या में छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने एसडीएम पल्लवी पुराणिक से शिकायत की। एसडीएम ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इधर, इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) संतोष सिंह सोलंकी का कहना है कि बोर्ड परीक्षा में अलग से उर्दू शिक्षक उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों द्वारा किसी भी प्रकार के अभद्र व्यवहार की घटना नहीं हुई है।