राजधानी भोपाल के समीप रायसेन जिले के गौहरगंज क्षेत्र में छह साल की मासूम बच्ची के साथ 21 नवंबर की देर शाम छह साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी सलमान को भोपाल से रायसेन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सलमान गांधी नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक कॉलोनी में अकेले घूम रहा था, तभी स्थानीय युवकों ने हुलिए के आधार पर उसे पहचान लिया और पुलिस को सूचना दे दी। रायसेन पुलिस उसकी अयोध्या नगर क्षेत्र में तलाश कर रही थी। आरोपी लंबे समय तक फरारी काटने के लिए गांधी नगर थाना क्षेत्र में किराये का कमरा तलाश रहा था। बजाया जा रहा है कि उसका एक दूर का रिश्तेदार भी इसी क्षेत्र में रहता है, वही उसकी अप्रत्यक्ष रूप से मदद भी कर रहा था। हालांकि फरारी के दौरान किन-किन लोगों ने सलमान की मदद की है, पुलिस उनकी जानकारी भी खंगालना शुरू कर दिया है। रायसेन पुलिस आरोपी को लेकर घटना स्थल गौहरगंज जा रही थी, तभी भोजपुर के कीरत नगर गांव के जंगल के पास पुलिस का वाहन पंचर हो गया। इसके बाद पुलिस ने दूसरे वाहन में जैसे ही आरोपी सलमान को बैठाने का प्रयास किया, उसने एएसआई श्यामराज सिंह की सर्विस रिवाल्वर छीनकर फायर करने का प्रयास करने के साथ भागने लगा। पुलिस टीम ने उसके पैर में गोली मारकर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को भोपाल के जेपी अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराने के बाद हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमीदिया में भोपाल और रायसेन दोनों जिलों की पुलिस टीमें उसकी सुरक्षा में तैनात हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी सलमान ने घटना को अंजाम देने के बाद 21 नवंबर की देर रात गौहरगंज की एक दुकान में सिगरेट खरीदा, इसके बाद वह स्थानीय लोगों को आता देख वहां से फरार हो गया। दूसरे दिन वह भोपाल भागने की फिराक में था, तभी पुलिस और स्थानीय लोग उसकी तलाश शुरू कर दी। इसस उसे भागने का मौका नहीं मिला और वह गौहरगंज के जंगलों में तीन दिन तक छिपा रहा। भोपाल और इंदौर पुलिस उसकी सड़कों पर तलाश कर रही थी, लेकिन वह रायसेन जिले के जंगलों से होते हुए रात के अंधेरे में भोपाल जिले की सीमा में प्रवेश कर गया। पुलिस उसकी घटना स्थल के आसपास ही तलाश करती रह गई।
अरोपी सलमान खान मूलत: सीहोर जिले के इछावर के पास का रहने वाला है। सलमान की गलत हरकतों की वजह से उसके माता-पिता दो साल पहले उसे घर से निकाल दिए थे। इसके बाद वह भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार के पड़ोस में कुछ महीनों तक रहा था। इसके बाद वह गौहरगंज गया और वहां नौकरी करने लगा। नौकरी छूट गई तो आवारागर्दी करने लगा।
नफरत के खिलाफ पुलिस की एडवाइजरी जारी
आरोपी के खिलाफ सभी समाज वर्ग के लोगों में काफी गुस्सा है। आरोपी को लेकर किसी धर्म, समुदाय को लेकर सोशल मीडिया में किसी प्रकार की टिप्पणी और नफरत फैलाने वाले बयानों और मैसेज को लेकर रायसेन पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली, भड़काऊ या हिंसा को उकसाने वाली सामग्री, पोस्ट साझा नहीं करने की चेतावनी दी
घटना के बाद रायसेन से लेकर भोपाल और आसपास के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया गया। मंडीदीप का बाजार तीन दिन तक बंद रहा। चक्काजाम से कई किलोमीटर जाम लगा रहा। एक दिन गौहरगंज और औबेदुल्लागंज का बाजार भी बंद रहा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने पुलिस मुख्यालय में बैठक लेकर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की थी। सीएम के निर्देश पर एसपी रायसेन को हटा दिया गया था। 300 पुसिकर्मियों की 20 टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। आरोपी के खिलाफ 30 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। सीएम की नाराजगी के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी में सात दिन लग गए।