यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र बुधवार को भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। बुधवार को सदन की कार्यवाही दोपहर करीब डेढ़ बजे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई और कहा कि सदन में विपक्ष का आचरण शर्मनाक है। ये लोग लोकतंत्र विरोधी हैं और यही इनका असली चेहरा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र को हंगामे के हवाले करना प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ भारी अन्याय है। इनके लिए कुछ नई योजना घोषित हो सकें। गरीबों के कल्याण के लिए कुछ नए कार्यक्रम शुरू हो सकें। इसके लिए हम 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आये थे लेकिन समाजवादी पार्टी के नकारात्मक रवैये के कारण युवाओं, किसानों, महिलाओं के स्वावलंबन के मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हो सकी। इन लोगों का आचरण युवा, किसान, महिला और गरीब विरोधी है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमने प्रदेश में उस तबके लिए जो प्रदेश के विकास में लग कर काम कर रहा था आंगनबाड़ी, रसोइया, ग्राम चौकीदार के साथ हर तबके को छूने का प्रयास किया जिनके मानदेय बढ़ने हैं। महिला पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन इन सब पर चर्चा होनी थी लेकिन समाजवादी पार्टी का नकारात्मक रवैया इसमें बाधा बना। इन सबके बावजूद विधानसभा ने सप्लीमेंट्री बजट पारित हो गया साथ ही बहुत शीघ्र इन सभी तबकों के लिए कार्य होगा।