मोहान रोड स्थित समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जेपी नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में शिक्षकों की कमी और अव्यवस्थाओं के बीच अब अभिभावकों को भी मोह भंग हो रहा है। मंगलवार को विद्यालय पहुंचे चार अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम कटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। वहीं इटावा से आए पिता ने अपनी बच्ची को पढ़ाने से मना कर दिया और उसकी टीसी भी कटवा ली। अमर उजाला के कैमरे पर अभिभावक नवनीत कुमार ने बताया कि यहां उनकी बेटी डॉली कक्षा नौ में पढ़ती थी। विद्यालय में मौजूदा माहौल को देखते हुए उन्होंने अब बेटी की टीसी कटवाकर अपने जनपद में दाखिला दिलाया है। नवनीत ने बताया कि उनकी बेटी पिछले काफी समय से बता रही थी कि दिनभर में केवल दो कक्षाएं ही चलती हैं। इसके बाद बच्चों को ऐसे ही छोड़ दिया जाता था। बेटी ने रोते हुए पिता से कहा, पापा, यहां बहुत समस्या हो रही है। ठीक से पढ़ाया नहीं जा रहा है और मेरा पूरा साल खराब हो जाएगा। ऐसे में मजबूरी में बेटी का ट्रांसफर सर्टिफिकेट कटवाना पड़ा। उन्होंने अब इटावा के राजकीय इंटर कॉलेज में बेटी का दाखिला करवा दिया है। वहीं दूसरी ओर चार अन्य अभिभावक रामानुज, सूरज पाल, जितेंद्र कुमार, अनिल वर्मा ने टीसी के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। हालांकि उन्होंने कैमरे पर बात नहीं की। इस संबंध में जब प्रधानाचार्य से बात करने का प्रयास किया गया तो प्रधानाचार्य ने विद्यालय का गेट खोलने से मना कर दिया। वहीं जिम्मेदार विभागीय अफसर भी जवाबदेही से बचते नजर आए। स्कूल में आंतरिक विवाद और आरोप स्कूल के आंतरिक माहौल के बारे में अभिभावक ने बताया। बच्चों और अध्यापिकाओं से पता चला कि प्रिंसिपल और सहायक अध्यापकों के बीच विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरुषों को विद्यालय में अंदर नहीं जाने दिया जाता। केवल महिला अभिभावकों को ही बुलाया जाता है। पिता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अभिभावकों को बच्चों की समस्याओं पर बात करने का हक है।