ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) की ओर से आयोजित 'नेशनल ज्वेलर्स मीट 2026' हजरतगंज स्थित रेजेंटा सेंट्रल होटल में संपन्न हुई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के रत्न और आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों को वैश्विक मंच प्रदान करने पर चर्चा हुई। डिप्टी कमिश्नर एक्सपोर्ट शिवांगी ने कहा कि जब हम आभूषणों की बात करते हैं, तो हम उस कलात्मकता, परंपरा और पारिवारिक विरासत का जिक्र करते हैं जो सदियों से हमारे बीच मौजूद है। आज का वैश्विक ग्राहक केवल आभूषणों का डिज़ाइन ही नहीं देखता, बल्कि उसकी प्रमाणिकता और हाथ की कारीगरी (हैंडमेड) को प्राथमिकता देता है, जिसे मशीनें कभी रिप्लेस नहीं कर सकतीं। उत्तर प्रदेश के कारीगर इस मामले में बेहद कुशल और हुनरमंद हैं। इसी हुनर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार के एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा 'उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-2030' लागू की गई है। यह नीति केवल एक दस्तावेज़ नहीं बल्कि एक विस्तृत रोडमैप है, जिसका उद्देश्य एक छोटे स्तर पर काम करने वाले स्थानीय कारीगर और एमएसएमई को सशक्त बनाकर उन्हें वैश्विक स्तर पर एक सफल निर्यातक के रूप में स्थापित करना है।