दारुल उलूम फरंगी महल के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निज़ामी ने मदरसा अधिनियम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों के भविष्य पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मौजूदा अधिनियम को निरस्त करती है तो उसके साथ एक बेहतर और व्यावहारिक अधिनियम या प्रस्ताव भी लाना चाहिए।