कानपुर और अयोध्या में पटाखा विस्फोट में कई लोगों की जान जा चुकी है। हादसों में कई परिवारों की पूरी जिंदगी उजड़ गई हैं। इन हादसों के बावजूद पटाखा बिक्री के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बता दें कि जिले में 38 पटाखा व्यापारियों के स्थाई तौर पर लाइसेंस बने हुए है, लेकिन इनकी दुकानों पर सुरक्षा के मानकों से खिलवाड़ किया जा रहा हैं। शनिवार को रियलटी चेक में इन दुकानों के बाहर कई बालू की खाली बाल्टियां नजर आई तो कहीं बालू और सिलेंडर तक गायब मिले।