पुलिस ने फर्जी बैनामा कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपी प्रापर्टी डीलरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर खुद को जमीन का स्वामी दर्शाते हुए प्लॉट का फर्जी बैनामा किया और पीड़िता से दस लाख रुपये हड़प लिए। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक जानकीपुरम विस्तार निवासी अनीता सिंह ने मार्च 2026 में केस दर्ज कराया था कि उन्होंने 21 जनवरी 2022 को ग्राम सलेमपुर स्थित गाटा संख्या 3116 में 2500 वर्गफुट का प्लॉट वी-वन इन्फ्रा टेक प्रा. लि. के निदेशक विपिन कुमार से नौ लाख रुपये आरटीजीएस और ढेड लाख रुपये नकद देकर खरीदा था। बाद में निर्माण कराने पहुंचने पर पता चला कि संबंधित भूमि विक्रेता के स्वामित्व में थी ही नहीं और वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। जांच के दौरान सामने आया कि स्वामित्व दर्शाने वाला दस्तावेज कूटरचित था। जिस अभिलेख के आधार पर जमीन का मालिकाना हक बताया गया था, वह वास्तव में किसी अन्य गाटा संख्या से संबंधित निकला। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि गाटा संख्या 3116 की भूमि रामकुमार के नाम दर्ज है और उसका कोई हिस्सा आरोपियों के नाम कभी हस्तांतरित नहीं हुआ। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी के साथ दो अन्य लोगों ने फर्जी बैनामे में गवाह बनकर सहयोग किया। जांच में आपराधिक षड्यंत्र की पुष्टि होने पर मुकदमे में षड्यंत्र की धारा भी बढ़ाई गई। शुक्रवार को सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सुशांत गोल्फ सिटी के विपिन तिवारी, राजाजीपुरम के विपिन कुमार व रिंकू राजपूत शामिल हैं।