हजरतगंज स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में बाल अधिकार कार्यकर्ता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भुवन ऋभु ने बाल तस्करी (चाइल्ड ट्रैफिकिंग) को देश की गंभीर चुनौतियों में से एक बताया। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का भी प्रश्न हैं। उन्होंने कहा कि बाल तस्करी, बाल श्रम, शोषण और बच्चों के विरुद्ध अन्य अपराधों के मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों पर अत्याचार करने वाले अपराधी सजा से बच न सकें और पीड़ित बच्चों को समय पर न्याय तथा आवश्यक सहायता मिल सके। भुवन ऋभु ने बाल अधिकारों की रक्षा के लिए समाज, प्रशासन, न्यायपालिका और नागरिक संगठनों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में बाल अधिकारों से जुड़े विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की।