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VIDEO: अंगुलियां पढ़ रहीं किताबें, मन सुन रहा साहित्य... 7000 पुस्तकें और 3500 ऑडियो बुक्स बनीं दृष्टि दिव्यांगों का सहारा

वे अपनी आंखों से इस रंग-बिरंगी दुनिया को देख तो नहीं सकते लेकिन अपनी अंगुलियों से शब्दों को छूकर देश-दुनिया के ज्ञान को आत्मसात जरूर कर सकते हैं। डॉ. धर्मवीर भारती के कालजयी उपन्यास ‘गुनाहों का देवता’ की सुधा-चंदर की प्रेम कहानी को मन की आंखों से सुन सकते हैं। ...और यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है राजधानी के शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय में जहां ब्रेल लिपि की सात हजार पुस्तकें और 3500 ऑडियो बुक्स दृष्टिदिव्यांगों का सहारा बन रही हैं। ब्रेल पुस्तकालय और ऑडियो बुक्स की सुविधा मुहैया कराने वाला यह प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है।

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