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Video: आंधी ने बढ़ाई आम उत्पादकों की मुश्किलें, गिरे फलों को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर बागवान

पहले से ही आम के कम उत्पादन से जूझ रहे बागवानों की परेशानियां मंगलवार और बुधवार रात आई तेज आंधी ने और बढ़ा दी हैं। बख्शी का तालाब क्षेत्र के कई आम बागों में बड़ी मात्रा में फल जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मलिहाबाद फल पट्टी क्षेत्र से जुड़े बख्शी का तालाब के 84 गांवों में दशहरी, सफेदा, चौसा, लंगड़ा और आम्रपाली प्रजाति के आमों की खेती होती है। इनमें दशहरी और चौसा की फसल सबसे अधिक है। बागवानों के अनुसार इस वर्ष गोमती नदी के तटवर्ती गांवों में आम का उत्पादन सामान्य से कम रहा, जबकि सीतापुर रोड के आसपास के क्षेत्रों में फसल अपेक्षाकृत बेहतर थी। ऐसे में किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी, लेकिन लगातार आई आंधी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भैंसामऊ निवासी किसान कैलाश यादव ने बताया कि मंगलवार को गिरे आम अभी उठाए भी नहीं जा सके थे कि बुधवार रात फिर आंधी आ गई और नुकसान बढ़ गया। उन्होंने बताया कि अब तक दो पिकअप वाहनों में करीब 14 कुंतल चौसा आम एकत्र किया जा चुका है, जबकि लगभग 20 कुंतल आम अभी भी बाग में बिखरा पड़ा है। बागवानों का कहना है कि गिरे हुए आमों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव नहीं होता, इसलिए उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर बेचना पड़ रहा है। किसानों ने मौसम की मार से हुए नुकसान को देखते हुए प्रशासन से राहत और उचित सहायता की मांग की है।

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