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VIDEO : Sultanpur: व्यावसायिक खेती से किसान विजय कमा रहे मुनाफा, जानें कैसे बढ़ाया अपना मुनाफा

आज के दौर में किसान परंपरागत खेती से हटकर व्यवसायिक खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। जहां पारंपरिक खेती किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है, वहीं व्यवसायिक खेती बाजार में बढ़ती मांग, अधिक मुनाफा और बेहतर उत्पादन के चलते फायदेमंद साबित हो रही है। जिले के मोतिगरपुर ब्लॉक अंतर्गत घूरीपुर गांव निवासी प्रगतिशील किसान रामपाल सिंह ने पिछले करीब एक दशक से परंपरागत खेती की जगह व्यावसायिक खेती को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार किए हैं। स्वास्थ्य खराब होने के चलते पिछले दो साल से उनके बेटे विजय सिंह पिता की जिम्मेदारियों को बाखूबी निभा रहे है। व्यावसायिक फसलों की खेती में इन्हें तकनीकी जानकारी और सरकारी योजनाओं का बड़ा सहयोग मिल रहा है। उन्नत बीज, पाइप व रेनगन से सिंचाई तकनीक के जरिए लागत को कम किया जा रहा है। व्यावसायिक खेती में जहां मुनाफा अधिक है, वहीं जोखिम भी ज्यादा है। खराब मौसम और बाजार में मांग के घटने का असर सीधे किसानों की आय पर पड़ता है। विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने इस बार आठ बीघा आलू की बोआई की है, जिसमें करीब एक लाख रुपये से अधिक की लागत आई है। करीब 32 क्विंटल मोहन कोफरी सफेद प्रजाति का आलू बीज लगा है। उन्होंने बताया कि वह अपने आलू को बीज के लिए तैयार करते है। इसके लिए खेत में ही पूरी तरह पकने के बाद कोल्ड स्टोर में भंडारण करते हैं। चार महीने की खेती के बाद आलू के खेत में ही मक्का, उड़द य मूंग की फसल भी लेते है। वहीं, आलू के अलावा एक बीघे मटर और टमाटर की फसल भी लगभग तैयार है। मटर जहां एक सप्ताह में तोड़नी शुरू हो जाएगी, वहीं टमाटर के पौधों में भी बड़ी संख्या में फूल और फल आ गए हैं और जल्द ही टमाटर भी तैयार हो जाएगा।

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