जानकी नवमी पर रामनगरी अयोध्या मां सीता के जन्मोत्सव के उल्लास में डूबी नजर आई। श्रीराम जन्मोत्सव की तर्ज पर मंदिरों में दोपहर 12 बजते ही घंटे घड़ियाल की ध्वनि के बीच प्राकट्य आरती की गई। जनकसुता जग जननि जानकी, अतिसय प्रिय करुणानिधान की। ताके जुग पद कमल मनावऊं। जासु कृपा निरमल मति पावऊं... के गान के साथ संत-धर्माचार्य के साथ श्रद्धालु मां जानकी म की वंदना करने लगे। भगवान श्रीराम के साथ मां जनकनंदिनी भी अयोध्या में शिरोधार्य हैं। कनक भवन में प्राकट्य आरती के दौरान भक्तों की भीड़ रही। यहां चल रहे उत्सव की पूर्णाहुति पूर्णिमा पर भगवान सीताराम की अष्ट सखियों में प्रधान सखी चारुशिला की जयंती पर होगी। मां सीता का मायका माने जाने वाले जानकी महल में देवी मां का जन्मोत्सव श्रद्धापूर्वक मना। भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। देवकाली मंदिर में फूलों की झांकी सजाई गई। यहां चल रहे अखंड नाम संकीर्तन की भी पूर्णाहुति हुई। राम जन्मभूमि से सटे प्राचीन रंगमहल, सियाराम किला, छोटी देवकाली, बड़ा भक्तमाल व जानकी घाट बड़ा स्थान सहित सैकड़ों मंदिरों में उत्सव की धूम रही।