ऐतिहासिक व पौराणिक मंदिर है नवरात्रि पर 9 दिन यहां लगता है भक्तों ताता लखनऊ और लखनऊ के बाहर से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन करने आते हैं सुबह से लेकर रात तक भक्तों की लाइन लगी रहती है कुछ ही देर के लिए सफाई के लिए बस दिन में मंदिर बंद होता है पुराने समय में भक्त यहां अपनी जीभ चढ़ा के माता को बलि देते थे जो 5 मिनट बाद माता की कृपा से दोबारा जुड़ जाती थी एक बार तो एक भक्त ने अपनी गर्दन भी काट कर चढ़ा दी थी अब बली पर रोक लग गई है यहां की सभी मूर्तियां जागृत हैं।