उत्तर प्रदेश में मजदूरों और कामगारों को राहत देने के लिए सरकार ने कुछ अहम फैसले लिए हैं। नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की परिस्थितियों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। साथ ही, पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान करने और कुछ नियमों में बदलाव करने का फैसला भी लिया गया है। प्रदेश में अब सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। साथ ही नियोक्ता के खर्च पर साल में एक बार श्रमिकों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। कैबिनेट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की बेहतर परिस्थितियों से जुड़े नए नियमों (2026) को मंजूरी दे दी।