जिला अस्पताल रियासी में डॉक्टरों की लगातार कमी को लेकर आज नेशनल कांफ्रेंस इकाई रियासी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर चिंता जताई। पार्टी नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की बदतर स्थिति के कारण जिले के आम लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं ने बताया कि इस मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आपसी विचार-विमर्श कर लिया है और आने वाले दिनों में वे स्वास्थ्य मंत्री एवं सरकार के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से मिलकर डॉक्टरों के खाली पदों के साथ-साथ स्टाफ की अन्य कमियों को भी पूरा करने की मांग करेंगे। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि पूर्व में जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक ठोस योजना तैयार की थी, लेकिन भाजपा के दबाव में उस योजना को फिलहाल बदल दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे पूरी जानकारी जुटा रहे हैं और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसे मीडिया और जनता के सामने रखा जाएगा। नेताओं ने जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के खिलाफ चल रहे धरने का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि धरना दे रहे युवाओं और स्थानीय लोगों की मांग पूरी तरह जायज है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल धरना-प्रदर्शन से समाधान नहीं निकलता, इसके लिए सरकार से ठोस बातचीत और ठोस कदम जरूरी हैं। नेशनल कांफ्रेंस ने सरकार से अपील की कि जिला अस्पताल रियासी की स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द सुधार किया जाए और डॉक्टरों एवं स्टाफ की कमी को तुरंत पूरा किया जाए ताकि आम जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े।