कश्मीर में हर सर्दी पर्यटन सीजन के बाद हजारों घोड़े, टट्टू और खच्चर बेसहारा छोड़ दिए जाते हैं, जिन्हें कड़ाके की ठंड, भूख और मौत का सामना करना पड़ता है। नेताओं और अधिकारियों ने इस अमानवीय प्रथा की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।