शोपियां जिले में एक सप्ताह के भीतर चार बार बादल फटने की घटनाओं से कई इलाकों में घरों, खेतों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित लोगों का कहना है कि बेहतर ड्रेनेज और सिंचाई नालों की व्यवस्था होती तो नुकसान काफी कम हो सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में बादल फटने और अचानक आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।