नितिन गडकरी एक और वजह से चर्चा में हैं। भाजपा ने उन्हें पार्टी की सर्व शक्तिमान इकाई पार्लियामेंट्री बोर्ड से हटा दिया है। इसे लेकर सबके अपने तर्क हैं। क्या है ऐसा जो गडकरी को कभी रोडकरी तो कभी सभी दलों, जिसमें विरोधी भी शामिल हैं, का चहेता बनाता है?