भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों में तनाव एक बार फिर सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 25% टैरिफ लगाने के ऐलान ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। खासकर कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया है कि जब अमेरिका खुलेआम भारत को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा है, तो प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय क्यों चुप हैं?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि ट्रंप ने 30 से ज़्यादा बार दावा किया कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध को रोका। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पांच जेट गिरा दिए गए। अब ट्रंप कह रहे हैं कि भारत पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। राहुल गांधी ने सवाल उठाया,
“मोदीजी जवाब क्यों नहीं दे पा रहे हैं? उनके हाथ में सत्ता है या नहीं? या कंट्रोल कहीं और है?”
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी सिर्फ एक व्यक्ति के लिए काम करते हैं और वह व्यक्ति है गौतम अदाणी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत की आर्थिक, रक्षा और विदेश नीति को नष्ट कर दिया है और इसका खामियाजा आम भारतीय भुगत रहा है।
राहुल गांधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की विदेश नीति पूरी तरह विफल है।
“एक तरफ अमेरिका भारत पर टैरिफ लगा रहा है, दूसरी ओर चीन हमारी सीमाओं पर सक्रिय है और पाकिस्तान के साथ ट्रंप बैठकर लंच कर रहे हैं। यह सरकार देश को भ्रम की स्थिति में चला रही है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी ने अपने किसी भी भाषण में ट्रंप, चीन या पाकिस्तान का नाम तक नहीं लिया। क्या यह रणनीति है या चुप्पी का डर?
ट्रंप द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘Dead Economy’ कहे जाने पर राहुल गांधी ने कहा,
“ट्रंप सही कह रहे हैं। भारत की अर्थव्यवस्था मर चुकी है। यह बात प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर सभी जानते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था को इस हालत में लाने के पीछे भाजपा सरकार की कॉरपोरेटपरस्त नीतियां जिम्मेदार हैं और इसका उद्देश्य सिर्फ कुछ बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना है।
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने अमेरिका-पाकिस्तान की बढ़ती निकटता और भारत के प्रति ट्रंप की बयानबाजी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा:
“अगर आज अमेरिका पाकिस्तान के साथ तेल समझौते की बात कर रहा है और भारत को टैरिफ की धमकी दे रहा है, तो इसके लिए जिम्मेदार विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। इन्हें तुरंत बदला जाना चाहिए।”
गोगोई ने कहा कि भारत अब वैश्विक मंचों पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है और कोई भी देश पाकिस्तान के खिलाफ भारत का साथ नहीं देता।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि अमेरिका का यह टैरिफ भारत के लिए बेहद गंभीर चुनौती है। अमेरिका भारत के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार है, और अगर वहां से भारत को बाहर किया जाता है तो यह हमारे व्यापार को भारी नुकसान पहुंचाएगा।
“अगर अमेरिका अपनी मांगों पर अड़ा रहा तो हमें अपने व्यापारिक संबंध यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और अन्य देशों की ओर मोड़ने होंगे। भारत की ताकत यही है कि हम चीन की तरह सिर्फ निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था नहीं हैं, हमारे पास मजबूत घरेलू बाजार है।”
थरूर ने जोर दिया कि सरकार को न्यायसंगत और सख्त वार्ताकारों को समर्थन देना चाहिए, लेकिन अगर अमेरिका का रुख एकतरफा रहा तो भारत को पीछे हटने का अधिकार है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ट्रंप से करीबी और तथाकथित ‘मित्रता’ अब भारत के लिए भारी पड़ रही है। उन्होंने कहा:
“मोदी सरकार की दोस्ती और ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीति से भारत को नुकसान हो रहा है। टैरिफ लगना मोदी सरकार की कूटनीतिक विफलता का प्रमाण है।”
टैगोर ने पूछा कि अगर ट्रंप 25 बार युद्धविराम का श्रेय खुद को दे सकते हैं, तो प्रधानमंत्री संसद में एक बार भी इसके विरोध में बयान क्यों नहीं देते?