दुनियाभर की निगाहें इन दिनों अमेरिका, रूस और यूक्रेन पर टिकी हैं। वजह है तीन साल से चल रही रूस-यूक्रेन जंग और उसे खत्म करने की कोशिशें। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर नई कूटनीति की शुरुआत की थी। उसी कड़ी में सोमवार को व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात हुई। लेकिन इस बार तस्वीरें और माहौल दोनों ही बदले-बदले नजर आए।
जेलेंस्की जब पहली बार ट्रंप से मिलने व्हाइट हाउस पहुंचे थे, तब वे हमेशा की तरह अपनी पहचान बन चुकी मिलिट्री ड्रेस में नजर आए थे। लेकिन इस बार उनका अंदाज अलग था। वे सैन्य पोशाक छोड़कर सूट पहनकर ट्रंप से मिलने पहुंचे। व्हाइट हाउस के बाहर उनका अमेरिकी राष्ट्रपति ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
पत्रकार वार्ता के दौरान जब एक रिपोर्टर ने जेलेंस्की के इस नए लुक की तारीफ की, तो ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं पहले ही उनकी तारीफ कर चुका हूं।” इस पर जेलेंस्की भी हंस पड़े। माहौल में सहजता थी, और ट्रंप ने दोस्ताना अंदाज में उनकी पीठ पर हाथ रखकर यह संदेश भी दिया कि रिश्तों में अब पहले जैसी तल्खी नहीं रही।
यह तस्वीर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछली बार व्हाइट हाउस में ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात में मामला गरमा गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, तब किसी मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच नोकझोंक हो गई थी। यहां तक कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी जेलेंस्की को सरेआम बेइज्जत किया था। वैश्विक मीडिया में यह घटना कई दिनों तक छाई रही थी और इसे अमेरिका-यूक्रेन रिश्तों में दरार के रूप में देखा गया था।
लेकिन इस बार का नजारा बिल्कुल उलट था। हंसी-मजाक, सहजता और सार्वजनिक तारीफ ने संकेत दिया कि अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में नई परत चढ़ रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव महज जेलेंस्की के सूट तक सीमित नहीं है। दरअसल, ट्रंप ने अलास्का में पुतिन से मुलाकात कर रूस के साथ संवाद का नया दौर शुरू किया था। अब जेलेंस्की के साथ सहज दिखना यह संदेश देता है कि अमेरिका इस युद्ध में “मध्यस्थ” की भूमिका मजबूत करना चाहता है।
अगर ट्रंप पुतिन और जेलेंस्की, दोनों को एक मंच पर लाने में कामयाब हो जाते हैं, तो यह उनकी बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जाएगी। फिलहाल, उनके अलग-अलग बयानों और मुलाकातों से संकेत मिल रहा है कि अमेरिका जंग को खत्म करने के लिए “संतुलित दबाव और दोस्ताना संवाद” की रणनीति अपना रहा है।
जेलेंस्की के सूट पहनने को भी प्रतीकात्मक रूप से देखा जा रहा है। अब तक उन्होंने खुद को “युद्धकालीन राष्ट्रपति” के तौर पर ही पेश किया था, जो हमेशा सेना जैसी पोशाक में नजर आते थे। लेकिन इस बार का सूट पहनना शायद यह संकेत हो कि वे शांति वार्ता के नए दौर में एक “राजनीतिक राजनयिक” की छवि भी गढ़ना चाहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर दुनिया की उस धारणा पर पड़ सकता है जिसमें यूक्रेन केवल युद्ध के मैदान तक सीमित दिखता रहा है।
विश्लेषक क्यों मानते हैं अहम?
• पहली बार ट्रंप और जेलेंस्की के बीच सकारात्मक बॉडी लैंग्वेज दिखी।
• पिछली बेइज्जती के बाद यह मुलाकात रिश्तों को सुधारने का संकेत देती है।
• अमेरिका यह जताना चाहता है कि वह रूस-यूक्रेन जंग में निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार है।
• जेलेंस्की का सूट पहनना शांति और कूटनीति की ओर बढ़ने का प्रतीक माना जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह दोस्ताना माहौल भविष्य में किसी ठोस शांति वार्ता का रास्ता खोल पाएगा? पुतिन से ट्रंप की हालिया बातचीत और अब जेलेंस्की की तारीफ से संकेत तो यही मिलते हैं कि अमेरिका दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की रणनीति बना रहा है।
वैश्विक विश्लेषक मानते हैं कि आने वाले कुछ महीनों में इस दिशा में ठोस पहल देखने को मिल सकती है। हालांकि युद्ध के मैदान पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं, लेकिन ट्रंप-जेलेंस्की की मुस्कुराती तस्वीरें दुनिया को यह संदेश दे रही हैं कि संवाद और दोस्ती के जरिए जंग को रोकने की कोशिशें फिर से तेज हो रही हैं।