EVM को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों पर, राज्य के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा, "अगर कुछ स्पष्ट नहीं है तो हम जवाब नहीं दे सकते। ये मशीनें क्या थीं? ये किस टेबल पर थीं? यह कौन सी विधानसभा सीट थी? अगर ये विशेष विवरण स्पष्ट नहीं हैं तो हम कैसे जवाब दे सकते हैं?" ममता बनर्जी द्वारा मतगणना केंद्र पर कथित तौर पर उनके साथ बदसलूकी किए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा, "CCTV कैमरा कभी बंद नहीं था। मैंने DEO से भी बात की; किसी को पीटा नहीं गया। ऐसी चीजें किसी भी उम्मीदवार के साथ कभी नहीं होतीं। अगर ऐसा होता भी है, तो शिकायत दर्ज की जाती है और FIR दर्ज की जाती है। न तो कोई शिकायत मिली और न ही कोई FIR दर्ज की गई। ऐसा कुछ नहीं हुआ।"
EC के खिलाफ उनके आरोपों पर, उन्होंने कहा, "CEO की मतगणना में कोई भूमिका नहीं है। रिटर्निंग ऑफिसर DEO के गाइडेंस में यह काम करता है" फाल्टा में पुनर्मतदान पर, उन्होंने कहा, "सभी तैयारियां कर ली गई हैं। हम देखेंगे कि टेप या परफ्यूम लगाने जैसी कोई घटना न हो।"CM ममता बनर्जी के "मैं इस्तीफ़ा नहीं दूँगी, मैं हारी नहीं हूँ" वाले बयान पर उन्होंने कहा, "हमारा इससे क्या लेना-देना है? वह मुख्यमंत्री हैं। यहाँ राज्यपाल हैं, संविधान है। संविधान सबसे ऊपर है। CEO और ECI का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
AITC के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने कहा, "जिस तरीके से चुनाव में लूट मचाई गई, हम हारे नहीं हैं लेकिन हमें लूट कर हराया गया है. मैं फिर कह रहा हूं EVM में वोटों के साथ शायद हेरफेर नहीं हो सकती लेकिन EVM मशीनों को बदला जा सकता है. जिस EVM पर वोट हुआ है, जब उसे काउंटिंग टेबल पर मैच किया जा रहा है तो सिरीयल नंबर मेल ही नहीं खा रहा है.2 बजे के बाद सारे काउंटिंग एजेंट को मारकर भगा दिया गया और ये सब CCTV फुटेज में रिकॉर्डेड है। 2 बजे तक 80-90% काउंटिंग पूरी हो जानी चाहिए थी लेकिन कल दोपहर तक केवल 2 या 3 राउंड की काउंटिंग पूरी हुई थी और कहीं 20 राउंड बाकी है, कहीं 24 राउंड बाकी थे.आपने मीडिया की सहायता से माहौल ऐसा बना दिया और ये दिखाया कि भाजपा जीत चुकी है.सुप्रीम कोर्ट का निर्देश था कि राज्य और केंद्र दोनों के कर्मचारी मौजूद होने चाहिए थे लेकिन कई मतगणना केंद्रों पर केवल केंद्र के ही कर्मचारी थे.TMC और भाजपा के बीच कितने मतों का फर्क है? 32 लाख मतों का, 30 लाख मतदाताओं को तो आपने पहले ही मतदाता सूची से निकाल दिया था और फिर 7 लाख मतदाता उसमें और जोड़े। 10-15 लाख मतगणना में हेरफेर किया