राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़कों और कॉलोनियों में जमा पानी अब केवल यातायात और जीवन को प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि स्वास्थ्य संकट भी खड़ा कर रहा है। हिमाचल, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के बाद तीन लोगों की मौत हो गई है।
वहीं अब भारत मौसम विभाग ने उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले 2 दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। IMD ने अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून राजस्थान के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों से आज वापस चला गया है। जानिए कल आपके राज्य का कैसा रहेगा हाल...
दिल्ली में मंगलवार सुबह तक भारी बारिश का दौर जारी रहा है। जिसके बाद जलभराव की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 19 सितंबर तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेगें। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री तक रहने का अनुमान है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की 17 सितंबर के आसपास से उत्तर-पश्चिम भारत से वापसी शुरू हो जाएगी। आईएमडी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 17 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। दक्षिण पश्चिम मानसून आमतौर पर 1 जून को केरल में दस्तक देता है और 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंच जाता है। 17 सितंबर के आसापस उत्तर-पश्चिम भारत से उसकी वापसी शुरू हो जाती है और 15 अक्तूबर तक पूरे देश से वापसी हो जाती है। इस वर्ष मानसून ने सामान्य तिथि 8 जुलाई से नौ दिन पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया। 2020 के बाद से यह सबसे जल्दी मानसून था जिसने पूरे देश को कवर किया, जब मानसून ने 26 जून तक ऐसा किया था। मानसून 24 मई को केरल पहुंचा था, 2009 के बाद से पहली बार इतनी जल्दी मानसून पहुंचा था। देश में अब तक 836.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश 778.6 मिमी से सात फीसदी अधिक है।